सीएम योगी ने चयनित एलटी ग्रेड 3,317 शिक्षकों को दिया नियुक्ति पत्र, कहा- शिक्षक समाज का मार्ग दर्शक

एलटी ग्रेड के नए चयनित 3,317 शिक्षकों को शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियुक्ति पत्र वितरित किया।
Publish Date:Fri, 23 Oct 2020 12:52 PM (IST) Author: Umesh Tiwari

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश के राजकीय माध्यमिक स्कूलों में एलटी ग्रेड के नए चयनित 3,317 शिक्षकों को शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नियुक्ति पत्र वितरित किया। कार्यक्रम सीएम योगी ने पांच शिक्षकों को प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति पत्र दिया, जबकि बाकी सभी शिक्षकों को ऑनलाइन नियुक्ति पत्र जारी किया गया। यह पहला मौका है जब शिक्षकों को ऑनलाइन नियुक्ति पत्र दिया जा रहा है। उन्हें मेरिट और दिए गए विकल्प के आधार पर स्कूल आवंटित किया गया है। दिव्यांगों को वरीयता दी गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि हमारी सरकार ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में तीन लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। इन भर्तियों में प्रक्रिया में कोई अंगुली नहीं उठा सकता है। सभी निक्तियों में पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता का ध्यान रखा गया है। यही हमारी पूंजी है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में हमने तकनीक को बहुत नजदीक से जाना है। आनलाइन व्यवस्था का लाभ गरीबों को सीधे पहुंचाया जा रहा है। आनलाइन शिक्षा हो या फिर गरीबों और बुजुर्गों तक लाभ पहुंचाने का कार्य हो, एक क्लिक में उनके खाते में राहत राशि पहुंचाई गई है। अब चयन प्रक्रिया में भी इसका लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ मिल रहा है। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नौकरी का एक मात्र मानक मेरिट है। पूरी शुचिता और पारदर्शिता के साथ योग्य उम्मीदवार को ही नौकरी मिलेगी। इसमें गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है। बावजूद इसके नियुक्तियों में भ्रष्टाचार हुआ तो दोषियों को जेल में ही ठिकाना मिलेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षक समाज का मार्ग दर्शक होता है। आज चयनित सभी युवाओं को इसे सिद्ध करना होगा। एक शिक्षक चाहे तो समाज की व्यवस्था में परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि आज आपरेशन कायाकल्प योजना के तहत स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं दी जा रही हैं। 

नवनियुक्त शिक्षकों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने सभी के उज्ज्वल भविष्य के लिए कामना की। साथ ही कहा कि, याद कीजिये साढ़े तीन साल पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की शोहरत किस वजह से थी। अब उसके उलट यह नियुक्तियों में पारदर्शिता के लिए जाना जाता है। अब यहां नियुक्ति का एक मात्र मानक मेरिट है। आप लोगों का चयन खुद में इसका प्रमाण है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के लिए चयनित इन शिक्षकों में से बाराबंकी की ज्याेति शर्मा, लखनऊ की कीर्ति वर्मा, बाराबंकी के अखलाख, प्रयागराज के संदीप कुमार सिंह और अयोध्या की सुमित्रा देवी को मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से नियुक्तिपत्र भी सौंपा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवनियुक्त शिक्षकों से कहा कि मौजूदा युग तकनीक का है। खुद भी तकनीकी रूप से अपडेट रहें और बच्चों को भी करें। तकनीक ही पारदर्शिता की कुंजी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा हमारी पूंजी है। जो जिस लायक है उसकी मेरिट का सम्मान करते हुए वह जगह मिल रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुछ नवनियुक्त शिक्षकों से बात भी की। उन्होंने कहा कि शिक्षक मार्गदर्शक होता है। इस रूप में उसका फर्ज भी बड़ा होता है। अगर एक शिक्षक पूरी लगन और ऊर्जा से बच्चों को पढ़ाए तो उसमें समाज बदलने की क्षमता होती है। अपने काम से वह न केवल बच्चों में बल्कि समाज में भी सम्माननीय होता है। आने वाली पीढियों के लिए वह नजीर बना जाता है, पर इस सबके लिए उसे खुद को साबित करना अपने कार्य एवं व्यवहार से साबित करना होता है।जिन शिक्षकों से बात हुई उनमें मेरठ के जगमोहन सिंह, प्रयागराज की स्मिता जायसवाल, गोरखपुर की निकहत परवीन और हेमप्रभा एवं मनीष कुमार मिश्रा और झांसी की ज्योति।

उप मुख्यमंत्री डॉ.दिनेश शर्मा ने पिछले साढ़े तीन वर्षों के दौरान माध्यमिक शिक्षा की उपलब्धियों के बारे में बताया। कहा कि समय से सत्र, नकल विहीन परीक्षा और तय समय में नतीजे हमारी उपलब्धियां रहीं। साथ ही पठन-पाठन के क्षेत्र में भी विभाग ने गुणात्मक सुधार किया। कार्यक्रम के शुरू में विभाग की अपर मुख्य सचिव अनुराधा शुक्ला ने सबका स्वागत किया। विभाग की राज्य मंत्री गुलाब देवी ने आभार जताया। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जनपदों में स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में नियुक्तिपत्र वितरण का ऐसा ही प्रतीकात्मक कार्यक्रम भी हुआ।

बता दें कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित सहायक अध्यापक के पद पर चयनित अभ्यर्थियों से 28 सितंबर से आठ अक्टूबर तक ऑनलाइन विकल्प वेबसाइट seceduonlineposting.up.gov.in के माध्यम से मांगे गए थे। दिव्यांग श्रेणी में चयनित अभ्यर्थियों, ऐसी महिला अभ्यर्थी जिनका बच्चा 40 फीसद दिव्यांग है, ऐसे अभ्यर्थी जिनके पति या पत्नी सेना में हैं, विधुर व विधवा जिन्होंने दूसरा विवाह नहीं किया है और एकल अभिभावक को स्कूल आवंटन में वरीयता दी गई है।

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