बाराबंकी में मदरसा भर्ती में अनियमितता, CDO ने इंटरव्‍यू पर लगाई रोक; द‍िए जांच के न‍िर्देश

सरकार के शासनादेश का नहीं हो रहा था अनुपालन। जैम पोर्टल से होने चाहिए थी संविदा कर्मियों की नियुक्ति।

जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के गांधी सभागार में ऐसे एडेड मदरसे जिसमें मिनी आइटीआई संचालित हैं उनमें 91 संविदाकर्मी भर्ती के लिए इंटरव्यू चल रहा था। सीडीओ मेधा रूपम ने भर्ती संबंधी अभिलेख तलब कर लिए तो बताया जा रहा है कि अभिलेख नहीं दिखा पाए।

Publish Date:Sat, 16 Jan 2021 03:21 PM (IST) Author: Anurag Gupta

बाराबंकी, जेएनएन। मदरसों में कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए इंटरव्यू चल रहा था। जब नियुक्ति संबंधी पत्रावलियों मांगी गई तो मानक के अनुसार नहीं ठहरी। इसको लेकर मुख्य विकास अधिकारी ने इस भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। शनिवार को जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के गांधी सभागार में ऐसे एडेड मदरसे जिसमें मिनी आइटीआई संचालित हैं, उनमें 91 संविदाकर्मी भर्ती के लिए इंटरव्यू चल रहा था। सुबह दस बजे से लेकर 12 बजे तक कंप्यूटर ऑपरेटर, लिपिक, चपरासी और सिलाई-कढ़ाई के लिए कर्मचारियों की कुछ लोगों का इंटरव्यू हो चुका था। इसको लेकर सीडीओ मेधा रूपम ने भर्ती संबंधी अभिलेख तलब कर लिए तो बताया जा रहा है कि अभिलेख नहीं दिखा पाए। इस पर प्रभारी सीडीओ केके सिंह ने तत्काल भर्ती का इंटरव्यू पर रोक लगा दी।मामले की पूरी जांच होगी, तभी ही भर्ती की जा सकेगी।

यह अपनाया जाता है मानक

अल्पसंख्यक विभाग की ओर से संचालित एडेड मदरसों पर भर्तियां आए दिन हुआ करती हैं। कभी शिक्षक तो कभी कर्मचारियों की नियुक्ति होती है। इन नियुक्तियों को भरने के लिए सरकार का शासनादेश है कि जैम पोर्टल पर निविदा डाली जाए और उसके माध्यम से ही संविदाकर्मियों की नियुक्ति की जाए। इसके अलावा यदि विभाग या मदरसों की ओर से भर्ती हो रही है तो विज्ञाप्ति एक राष्ट्रीय अखबार और एक लोक अखबार पर निकलवाकर प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि इच्छुक अभ्यर्थी अपना आवेदन कर सके, लेकिन ऐसा होता नहीं है। ऐसे अखबार में विज्ञाप्ति छपवाई जाती है, जो आम लोगों से दूर रहता है, शायद ही पढ़ा जाता हो। अब इस खेल की परत खुलने लगी है।

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी सोन कुमार ने बताया कि कुछ कारणों से रोक लगी है, फिर से भर्ती के लिए इंटरव्यू की तारीख तय की जाएगी। एडेड मदरसों में होने वाली भर्तियों की जानकारी हमेंं नहीं रहती है, इसकी जिम्मेदारी प्रबंध समिति की है। 

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