लखनऊ में फ्लैट दिलाने और मकान निर्माण के नाम पर 27 लाख की ठगी, मुकदमा दर्ज

एलडीए के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित सुलभ आवास में फ्लैट बेचने के नाम जालसाजों ने हमीरपुर के चांदुद्दीन से 12 लाख रुपये ठग लिए। उधर मकान निर्माण के नाम पर डालीबाग में रहने वाली मनीषा ने ठेकेदार के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में 15 लाख रुपये हड़पने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

Dharmendra MishraTue, 30 Nov 2021 03:30 PM (IST)
एलडीए के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित सुलभ आवास में फ्लैट बेचने के नाम जालसाजों ने 12 लाख रुपये ठग लिए।

लखनऊ, जागरण संवाददाता। एलडीए के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित सुलभ आवास में फ्लैट बेचने के नाम जालसाजों ने हमीरपुर के चांदुद्दीन से 12 लाख रुपये ठग लिए। उधर, मकान निर्माण के नाम पर डालीबाग में रहने वाली मनीषा ने ठेकेदार के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में 15 लाख रुपये हड़पने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

इंस्पेक्टर आलमबाग अनिल सिंह के मुताबिक मूल रूप से हमीरपुर के रहने वाले चांदुद्दीन आदर्श नगर में रहते हैं। उनके रिश्तेदार कमरुद्दीन ने एलडीए के ट्रांसपोर्ट नगर के सुलभ आवास में फ्लैट दिलाने के लिए कहा। कमरुद्दीन और उनकी पत्नी नजमुन निशा ने कहा कि ट के रुपयों में कट जाएंगे। इस पर 12 लाख रुपये उन्हें दिए गए।

फ्लैट रजिस्ट्री की बारी आने पर टालमटोल करते रहेः काफी समय बीत गया। फ्लैट की रजिस्ट्री कराने को कहा को कमरुद्दीन और उनकी पत्नी टाल मटोल करने लगी। विरोध कमरुद्दीन उनकी पत्नी और बेटे ने धमकी दी। तीनों के खिलाफ आलमबाग कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। उधर, डालीबाग में रहने वाली मनीषा ने बताया कि उन्होंने अपने प्लाट के निर्माण का ठेका अक्टूबर 2020 में लमिस्ता कंस्ट्रक्शन कंपनी के कौशिक साहू को दिया था।

कौशिक ने नक्शे के अनुरूप तीन मंजिला निर्माण के लिए 31 लाख रुपये का खर्च बताया। उन्हें 15 लाख रुपये दिए गए थे। एक मंजिल निर्माण किया उसमें भी घटिया सामग्री लगाई। जिसके कारण छत में दरारें पड़ गई। बारिश में पानी टपकने लगा। इंस्पेक्टर श्यामबाबू शुक्ला ने बताया कि मुकदमा दर्ज लिया गया है।

सहकारी समिति के सेवानिवृत्त अनुसचिव ने आठ लाख हड़पे, मुकदमाः सचिवालय से सेवानिवृत्त अनुसचिव ज्ञानदत्त दीक्षित के खिलाफ आठ लाख रुपये हड़पने का मुकदमा हजरतगंज कोतवाली में दर्ज कराया गया है। इंस्पेक्टर हजरतगंज श्यामबाबू शुक्ला ने बताया कि मुकदमा सहकारी समिति के उपसभापति अखिलेश कुमार ने कराया है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश विधान मंडल सचिवालय सहकारी समिति से अनुसचिव ज्ञानदत्त दीक्षित ने आठ लाख रुपये का ऋण लिया था।

इस ऋण को अभी तक ज्ञानदत्त ने जमा नहीं किया। बीते 31 अगस्त को उन्होंने सचिवालय की एसबीआइ बैंक में एक चेक जमा किया था। वह भी बाउंस हो गया था। उसके बाद पांच दिन के अंदर उन्हें रुपये चुकाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनके द्वारा फिर भी रुपये नहीं जमा किए गए। इसके बाद सहकारी समिति की ओर से ज्ञानदत्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।

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