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CBSE Class 10th Result 2020 : आर्मी पब्‍ल‍िक स्‍कूल की सारा मान ने बढ़ाया लखनऊ का मान

लखनऊ, जेएनएन। CBSE Class 10th Result 2020 : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की तरफ से बुधवार को 10 वीं का परिणाम जारी कर दिया है। इस बार भी लखनऊ के मेधावी छाए रहे। नेहरू रोड स्‍थ‍ित आर्मी पब्‍ल‍िक स्‍कूल की छात्रा सारा मान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 98.8 प्रत‍िशत अंक हास‍िल क‍िए। वहीं शहर के रानी लक्ष्मीबाई (आरएलबी) मेमोरियल स्कूल के अभिषेक कुमार यादव ने 98.4 % हासिल कर शहर का मान बढ़ाया है। लखनऊ पब्लिक स्कूल की यशस्वी चौधरी ने 98.4 % हासिल किया। लखनऊ पब्लिक स्कूल एंड कॉलेजेज की छात्रा सारा सिंह ने 98.2 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसी तरह आरएलबी विकास नगर सेक्टर-14 की दिव्या त्रिपाठी ने 97.80 फीसद हासिल किए। लखनऊ पब्लिक स्कूल एंड कॉलेजे वृंदावन शाखा की आयुषी अवस्थी और मिलेनियम स्कूल की अनीशा मोतियानी ने  97.6% हासिल किए। जानकीपुरम निवासी डीपीएस के कबीर खान ने 92.2% हासिल किए। 

बता दें, बारहवीं के नतीजों की तरह सीबीएसई ने दसवीं के परिणामों को भी सरप्राइज देते हुए अचानक घोषित कर दिया। हालांकि, बोर्ड की ओर से 15 जुलाई तक परिणाम जारी करने की बात कही गई थी।

एनसीआरटी की किताबों से पढ़ाई जरूर करें (अभिषेक यादव, 98.4%)

आनंदेश्वर विहार कॉलोनी सराय से चिनहट निवासी,  रानी लक्ष्मीबाई स्कूल के अभिषेक यादव बताते हैं कि स्कूल में टीचर जो भी पढ़ाती थीं उसे बहुत ध्यान से पढ़ता था। फिर घर आकर रिवीजन करता था। प्री-बोर्ड एग्जाम में भी बहुत अच्छी तरह तैयारी की। स्कूल से आने के बाद ट्यूशन जाता था। थोड़ी देर खेलता था और टीवी देखता था। शाम को छह से आठ बजे तक पढ़ता था। फिर रात को खाना खाने के बाद दस बजे से दो घंटे पढ़ता था। एनसीआरटी की किताबों से थ्योरी तैयार करें अधिकतम सवाल इसमें से आते हैं। मेरा सपना आइआइटी करना और आइएएस बनना है। परिवार में पिता लल्लन यादव पीएसी में कांस्टेबल, मां गृहिणी और एक बड़ा भाई भी दसवीं में है।

मैथ्स और साइंस पसंदीदा विषय, इंजीनियरिंग लक्ष्य (यशस्वी चौधरी 98.4%)

लखनऊ पब्लिक स्कूल साउथ सिटी की यशस्वी चौधरी ने बताया कि बोर्ड के लिए शुरू से तैयारी करनी चाहिए। यह नहीं कि जब परीक्षा सिर पर आए, तब पढ़ाई शुरू की जाए। यही वजह है कि ज्यादातर बच्चों के माक्स कम आते हैं। मैंने भी बोर्ड की तैयारी शुरू से की थी। समय और घंटों से ज्यादा आप कितनी देर ध्यान और मन लगाकर पढ़ते हैं, यह मायने रखता है। कभी रटकर पढ़ाई नहीं करनी चाहिए। किसी भी विषय में नंबर तो कम-ज्यादा होते रहते हैं। मुख्य बात है आपका उस विषय में ज्ञान कितना है। अगर विषयों को समझकर पढ़ा जाए तो भविष्य में भी वे आपको याद रहेंगे। मेरे पसंदीदा विषय मैथ्स और साइंस हैं। सोशल स्टडीज थोड़ा समझने वाला विषय है इसलिए इसमें समस्या आई थी। मगर टीचर ने जब अच्छी तरह समझाया तो यह भी आसान लगने लगा। पेरेंट्स और टीचर का पूरा सपोर्ट मिला, इसीलिए आज मैंने सफलता पाई। 

यशस्वी चौधरी बताती हैं कि पापा संजय कुमार चौधरी फार्मासिस्ट और मां दीपशिखा चौधरी गृहिणी हैं। छोटा भाई श्रेयांश पटेल सेकेंड क्लास में एलपीएस में पढ़ रहा है। मेरी प्रेरणा और आदर्श मेरे पापा हैं। मुझे बैडमिंटन खेलना पसंद है। टीवी, फिल्मों का कोई शौक नहीं है। हां, पॉप और सूदिंग म्यूजिक सुनना अच्छा लगता है। जब पढ़ाई से थक जाती हूं तो म्यूजिक सुनकर मूड को रिफ्रेश करती हूं। भविष्य में मैं इंजीनियरिंग करना चाहती हूं।

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के क्षेत्र में करना है काम (सारा सिंह 98.2% )

लखनऊ पब्लिक स्कूल एंड कॉलेज की सारा सिंह ने 10वीं में 98.2 फीसद अंक हासिल किए हैं। इसमें अंग्रेजी में सबसे अधिक 100 अंक मिले। हिंदी, मैथ में 99 अंक व आइटी में 97 अंक अर्जित किए। वहीं इंटर मैथ से करेंगी। भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में काम करने का लक्ष्य है। सारा मूल निवासी बनारस की हैं। लखनऊ में वह कक्षा 6 से पढ़ाई कर रही हैं। सारा के पापा डॉ आभास सिंह बांदा मेडिकल कॉलेज में हैं। मम्मी डॉ कंचन सिंह भी चिकित्सक हैं। सारा के मुताबिक, वह इंटर मैथ (पीसीएम ग्रुप)से करेंगी। भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का एक्सपर्ट बनना है। 

कई किताबों से नहीं, एक पर करें फोकस

सारा ने सफलता का श्रेय अपनी शिक्षकों व अभिभावकों को दिया। उन्होंने कहा कि विषयों को अलग-अलग किताबों से पढ़ने के बजाए एक पुस्तक पर फोकस करें। पहले चैप्टर पढ़ें। उसको समझें। महत्वपूर्ण टॉपिक को नोट कर लें। इसके बाद याद करें। वहीं पढ़ाई का प्रेशर हावी न होने दें। मानसिक रूम से स्वस्थ रहें। घर मे मन लगाकर पांच घंटे अवश्य पढ़ें।

मैं पढ़ने के समय घंटे नहीं गिनती हूं, लक्ष्य बनाती हूं (मैत्री सिंह 97.4 फीसद)

लोयला इंटरनेशनल स्कूल की मैत्री सिंह कहती हैं कि मैं पढ़ती हूं तो ये नहीं सोचती कि कितने घंटे पढूंगी। मैं पढ़ाई का एक लक्ष्य तय करती हूं और जब लक्ष्य पूरा हो जाता है तो उसके बाद मैं पढ़ना बंद कर देती हूं। इसी अंदाज में मैंने पढ़ाई की और आखिरकार कामयाबी भी पाई। मेरे मम्मी और पापा ने बहुत सहयोग किया। मैंने ट्यूशन भी पढ़ी थी। मैं आइएएस अधिकारी बनना चाहती हूं। जिसके लिए तैयारियां इंटरमीडिएट के साथ साथ ही जारी रखूंगी। मेरे पापा का ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल है और मम्मी एंश्योरेंस ट्रेनर हैं। 

कभी नहीं लगवाई ट्यूशन, खुद पढ़ कर पाई कामयाबी (दिव्या त्रिपाठी, 97.80 फीसद) 

आरएलबी विकास नगर सेक्टर-14 की दिव्या त्रिपाठी कहती हैं कि मैं स्कूल के अलावा रोज चार घंटे से कम पढ़ाई नहीं करती हूं। जिसमें गणित को दो घंटे का समय देती रही। पापा सहारा इंडिया में काम करते हैं और कभी भी मैंने ट्यूशन लगवाने के लिए अपने पापा से जिद नहीं की है। मेरे परिवार और स्कूल से बहुत मदद मिली। मैं एक आइएएस अधिकारी बनना चाहती हूं ताकि मैं देश के लिए कुछ कर सकूं।

आइएएस अफसर बनकर पापा का सपना पूरा करूं (श्वेता अग्रवाल 97.8 फीसद) 

आरएलबी सेक्टर 14 विकास नगर की श्वेता अग्रवाल बताती हैं कि मेरे पापा की एक स्टेशनरी की दुकान है। उन्होंने कभी मेरी पढ़ाई लिखाई में कोई कमी नहीं होने दी है। मेरा लक्ष्य है कि मैं आइएएस अधिकारी बनकर उनके सपनों को पूरा कर सकूं। मम्मी ने मुझे गृहणी होने के बावजूद पढ़ाई में हर संभव मदद की है। जिससे मुझे ये कामयाबी पाने में मदद मिली। मैंने केवल कुछ सीनियर को मदद से ली है। गणित मेरा पसंदीदा विषय है। मैं अपनी पढ़ाई को ऐसी ही आगे जारी रखूंगी और आइएएस के लिए अपनी तैयारियों को अभी से शुरू कर दूंगी।

रायबरेली में अनमोल ने रोशन किया जनपद का नाम

एनएसपीएस के छात्र अनमोल अग्रहरि ने 98.6 फीसद अंक प्राप्त किए। बेटे की कड़ी मेहनत रंग लाती देख माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।  

श्रावस्ती: सादाब अहमद ने 95.2 प्रतिशत हासिल कर किया जिला टॉप 

सीबीएसई हाईस्कूल परीक्षा में नवोदय विद्यालय के सादाब अहमद ने 95.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में टॉप किया। दूसरे स्थान इसी स्कूल की 95 प्रतिशत अंक लाने वाली शुभांगी को मिला। 

गोंडा : अमान हुसैन ने जिला टॉप किया

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने दसवीं का रिजल्ट घोषित कर दिया है। मेधावियों ने परचम लहराया है। एम्स इंटरनेशनल स्कूल के अमान हुसैन ने 97.85 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिला टॉप किया है।

अयोध्या में इन्होंने बढ़ाया मान 

उदया पब्लिक स्कूल के शुभ श्रेष्ठ त्रिपाठी 98.6% जिंगल बेल एकेडमी के वंशिका मिश्रा 98.5% डीआरएम पब्लिक स्कूल विश्वास शुक्ला 96% संस्कृति कौल 89.6% शालवी शर्मा 89.6% हर्ष मौर्या 89% ऋचा यादव 85.2% सेजल गुप्ता 84.8% गुरुनानक एकेडमी के आर्यन सिंह 82.8% 

बता दें राजधानी में सीबीएसई बोर्ड के करीब 116 स्कूल संचालित हैं। इनमें से इस बार करीब करीब 11 हजार छात्र छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए थे। केंद्रीय विद्यालय अलीगंज की प्रिंसिपल संगीता यादव ने बताया कि बीते वर्ष की तुलना में इस बार के रिजल्ट में खासा उछाल आया है। 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले मेधावियों की संख्या में इजाफा हुआ है। वह बताती हैं कि सीबीएसई की ओर निर्धारित फ्रेंडली सेलेबस होने से बच्चों में न सिर्फ प्रतिस्पर्धा बढ़ी है बल्कि पढ़ाई के प्रति भी रुझान बढ़ा है। इसमें कतई संदेह नहीं है कि बच्चों ने अच्छे रिजल्ट के लिए अपना शत प्रतिशत देने का प्रयास किया है।

स्टूडेंट्स बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट cbseresults.nic.in या cbse.nic.in से छात्र-छात्राएं अपना रिजल्ट चेक कर सकेंगे। सीबीएसई 10वीं का रिजल्ट देखने के लिए स्टूडेंट्स को अपने रोल नंबर की जरूरत पडे़गी।  

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