Mahant Narendra Giri Death: महंत नरेंद्र गिरि की मृत्यु प्रकरण की जांच के लिए प्रयागराज पहुंची CBI टीम

Mahant Narendra Giri Death अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के मृत्यु प्रकरण की जांच के लिए गुरुवार देर रात सीबीआइ की दिल्ली टीम ने केस दर्ज किया और शुक्रवार शाम छह सदस्यीय टीम के कुछ सदस्य प्रयागराज पहुंच गए।

Umesh TiwariFri, 24 Sep 2021 10:02 PM (IST)
महंत नरेंद्र गिरि के मृत्यु प्रकरण की जांच के लिए सीबीआइ टीम के कुछ सदस्य प्रयागराज पहुंच गए।

लखनऊ, जेएनएन। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के मृत्यु प्रकरण की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) करेगी। टीम का नेतृत्व सीबीआइ स्पेशल ब्रांच के एएसपी केएस नेगी कर रहे हैं। गुरुवार देर रात सीबीआइ की दिल्ली टीम ने मुकदमा दर्ज किया और शुक्रवार शाम छह सदस्यीय टीम के कुछ सदस्य प्रयागराज पहुंच भी गए। हालांकि सीबीआइ के कई अधिकारी शनिवार को आएंगे, इसके बाद जांच शुरू होने की बात कही जा रही है। वहीं, टीम के आने से पहले मामले की जांच कर रही पुलिस की विशेष जांच दल (एसआइटी) दिनभर अपनी रिपोर्ट तैयार करने में जुटी रही। यही रिपोर्ट सीबीआइ को सौंपी जाएगी।

प्रयागराज में सोमवार शाम श्री मठ बाघम्बरी गद्दी के एक कमरे में महंत की संदिग्ध दशा में मृत्यु हो गई थी। उनके कमरे में एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया था। पुलिस का दावा है कि महंत ने फंदे पर लटककर जान दी है। मगर घटना को लेकर कुछ संतों व अन्य लोगों ने हत्या का आरोप लगाते हुए सवाल उठाए थे। सोमवार की रात ही जार्जटाउन थाने में अमर गिरि की तहरीर पर महंत के शिष्य आनंद गिरि के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महंत की मौत का कारण फांसी लगाना पाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एसएसपी ने सीओ की अध्यक्षता में 18 सदस्यीय एसआइटी गठित की थी। एसआइटी ने आरोपित आनंद गिरि, बड़े हुनमान मंदिर के पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी, उसके बेटे संदीप को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। बुधवार रात प्रदेश सरकार ने इस केस की जांच सीबीआइ से कराने के संस्तुति की थी, जिसके बाद सीबीआइ दिल्ली की टीम ने मुकदमा कायम किया। उसने जार्जटाउन थाने में दर्ज मुकदमे को ही आधार बनाया है। शुक्रवार शाम सीबीआइ टीम के कुछ सदस्य प्रयागराज पहुंचे। उन्होंने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की।

बाघम्बरी गद्दी के संचालन में नहीं होगा बदलाव : धूल रोट परंपरा के बाद श्रीनिरंजनी अखाड़ा के पंच परमेश्वर के बीच लंबी मंत्रणा चली। श्री मठ बाघम्बरी गद्दी व उससे जुड़े विद्यालय, मंदिर, आश्रमों के संचालन पर गहन मंथन हुआ। इसमें अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि भी शामिल रहे। शुक्रवार को लगभग चार घंटे चर्चा करने के बाद निर्णय लिया गया कि सीबीआइ जांच के बीच किसी को बाघम्बरी गद्दी का पीठाधीश्वर न बनाया जाय। न ही किसी की जिम्मेदारी बदली जाएगी। श्री निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने बताया कि बाघम्बरी गद्दी व उससे संबंधित समस्त मंदिर, आश्रम का संचालन पहले की तरह होगा। लेटे हनुमान मंदिर की व्यवस्था अमर गिरि देखते रहेंगे। वहीं, श्री मठ बाघम्बरी गद्दी व उससे जुड़े आश्रम, मंदिर व विद्यालयों का काम पहले जो करता था, आगे भी वही करेगा। श्री निरंजनी अखाड़े के पंच परमेश्वर इसकी निगरानी करेंगे, लेकिन किसी के काम में दखल नहीं दिया जाएगा।

महात्माओं ने ग्रहण किया धूल रोट का प्रसाद : अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि को समाधि देने के तीसरे दिन धूल रोट परंपरा पूरी की गई। श्री मठ बाघम्बरी गद्दी में महात्माओं ने पूजन करके धूल रोट का प्रसाद ग्रहण किया। इसके साथ बाघम्बरी गद्दी में भोजन बनने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। महंत नरेंद्र गिरि की मृत्यु के बाद से मठ में आग नहीं जलाई जा रही थी। मठ में रहने वाले लोगों के लिए भोजन आनंद अखाड़ा से बनकर आता था।

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