बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड मामलाः सीबीआइ की स्पेशल कोर्ट ने ट्रायल के लिए मुकदमा सत्र अदालत भेजा

प्रयागराज के बहुचर्चित बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड मामले में सपा के पूर्व सांसद अतीक अहमद व उसके पूर्व विधायक भाई अशरफ समेत अन्य अभियुक्तों के खिलाफ दाखिल आरोप पर संज्ञान के बाद सीबीआई की विशेष अदालत ने मुकदमा कमिट कर ट्रायल के लिए सत्र अदालत को भेज दिया है।

Vikas MishraSat, 23 Oct 2021 11:19 AM (IST)
सीबीआई की विशेष अदालत ने अभियुक्तों को नौ नवंबर को सत्र अदालत के समक्ष पेश होने का आदेश दिया है।

लखनऊ, [अम्बरीष श्रीवास्तव]। इलाहाबाद अब प्रयागराज के बहुचर्चित बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड मामले में सपा के पूर्व सांसद अतीक अहमद व उसके पूर्व विधायक भाई अशरफ समेत अन्य अभियुक्तों के खिलाफ दाखिल आरोप पर संज्ञान के बाद सीबीआइ की विशेष अदालत ने मुकदमा कमिट कर ट्रायल के लिए सत्र अदालत को भेज दिया है। सीबीआई की विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट यशा शर्मा ने सभी अभियुक्तों को नौ नवंबर को सत्र अदालत के समक्ष पेश होने का आदेश दिया है। शुक्रवार को अभियुक्त अतीक अहमद साबरमती जेल, अशरफ बरेली जेल व अभियुक्त फहीम अहमद चित्रकुट जेल से जरिए वीडियो कान्फ्रेसिंग अदालत में उपस्थित थे। जबकि जमानत पर रिहा अभियुक्त रंजीत पाल, आबिद, इसरार, जावेद व गुलशन व्यक्तिगत रुप से अदालत में उपस्थित थे।

सुप्रीम कोर्ट ने हत्याकांड की जांच सीबीआइ को सौंपी थीः 22 जनवरी, 2016 को सुप्रीम कोर्ट ने इस बहुचर्चित हत्याकांड मामले की जांच सीबीआइ को सौंपी थी। सीबीआइ ने विवेचना के बाद अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। सीबीआइ ने आरोप पत्र में अतीक व उसके भाई अशरफ उर्फ खालिद अजीम समेत अन्य अभियुक्तों को हत्या, हत्या का प्रयास व हत्या की साजिश रचना व आईपीसी की अन्य धाराओं में भी आरोपी बनाया है।

सीबीआइ ने पाया कि चुनावी रंजिश में की गई थी हत्याः सीबीआइ ने विवेचना में पाया कि चुनावी रंजिश के चलते इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। अतीक अहमद इलाहाबाद पश्चिमी विधान सभा से सपा का विधायक हुआ करता था। वर्ष 2004 में वो बतौर सपा प्रत्याशी फुलपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद हो गया। उसके संासद होने से इलाहाबाद पश्चिमी विधान सभा की सीट रिक्त हो गई। इस विधान सभा की सीट पर हुए उपचुनाव में बसपा से राजू पाल ने अतीक अहमद के भाई अशरफ को हराकर जीत हासिल की। इसी रंजिश मंे राजू पाल व दो अन्य की भी भीषण गोलीबारी में हत्या कर दी गई। इससे पहले इस हत्याकांड की जांच स्थानीय पुलिस व बाद में सीबीसीआईडी कर रही थी।

ये है मामलाः 25 जनवरी, 2005 को इलाहाबाद पश्चिमी से बसपा विधायक राजू पाल की दिन-दहाड़े गोलीबारी में हत्या कर दी गई थी। इस गोलीबारी में देवी पाल व संदीप यादव की भी मौत हुई थी। जबकि दो लोग गंभीर रुप से घायल हुए थे। इस बहुचर्चित हत्याकांड से ठीक 16 दिन पहले विधायक राजू पाल की पुजा पाल से शादी हुई थी। पुजा पाल ने थाना धुमनगंज में इस हत्या की एफआईआर दर्ज कराते हुए अतीक व उसके भाई अशरफ उर्फ खालिद आदिम को नामजद किया था।

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