हनीट्रैप में फंसा बीएसएफ जवान, आइएसआइ के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार

लखनऊ (जेएनएन)। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने मिलेट्री इंटेलीजेंस के इनपुट पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के लिए जासूसी कर रहे बीएसएफ के जवान अच्युतानंद मिश्रा को नोएडा से गिरफ्तार किया है। आइएसआइ ने फेसबुक पर महिला की फर्जी आइडी के जरिये अच्युतानंद को अपने जाल में फंसाया था। जनवरी, 2016 में हनीट्रैप का शिकार हुआ बीएसएफ जवान वाट्सएप के जरिये भी आइएसआइ की एक महिला एजेंट के संपर्क में था। वह दिल्ली के आरकेपुरम स्थित बीएसएफ के कंपोजिट हास्पिटल में तैनात था।

सशस्त्र बल जवानों को जाल में फंसाता

एटीएस ने आरोपित अच्युतानंद को बुधवार को लखनऊ कोर्ट में पेश किया और उसे पांच दिनों की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि रीवां (मध्य प्रदेश) के ग्राम मंडवा निवासी अच्युतानंद वर्ष 2006 में बीएसएफ में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। वह विवाहित है और उसके दो बच्चे हैं। आइजी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि मिलेट्री इंटेलीजेंस की चंडीगढ़ इकाई ने आइएसआइ द्वारा महिलाओं के नाम पर फर्जी फेसबुक आइडी बनाकर सेना व सशस्त्र बलों के जवानों को अपने जाल में फंसाने का इनपुट शेयर किया था। एटीएस की काउंटर एस्पिओनाज टीम ने इस पर एफआइआर दर्ज कर छानबीन की। ऐसी कई भारतीय फेसबुक आइडी चिह्नित की गईं, जो छद्म नाम से बनाई गई पाकिस्तान की फेसबुक आइडी के लगातार संपर्क में थे। छानबीन में बीएसएफ का जवान अच्युतानंद पकड़ में आया। नोएडा से पकड़े गए अच्युतानंद से एटीएस व बीएसएफ के अधिकारियों ने पूछताछ की और फेसबुक सर्वर से उसकी आइडी का डेटा सर्च किया गया। अच्युतानंद की आइएसआइ की फर्जी आइडी पर की गई चैटिंग पर कई आपत्तिजनक बातें सामने आईं। अच्युतानंद के मोबाइल फोन से भी कई अहम बातें सामने आईं। जासूसी के साक्ष्य मिलने पर एटीएस के डिप्टी एसपी मनीष सोनकर की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया गया। 

ऑपरेशनल ब्रीफिंग का वीडियो भेजा पाकिस्तान 

आइजी के अनुसार जांच में सामने आया है कि अच्युतानंद ने अपने मोबाइल से बीएसएफ के कंपनी कमांडर ऑपरेशनल ब्रीफिंग की वीडियो क्लिप बना ली थी। उसने सोशल मीडिया के जरिये वह क्लिप पाकिस्तान में बैठे आइएसआइ एजेंटों को भेजी थी। उसने फेसबुक के जरिये ग्वालियर के टेकनपुर स्थित बीएसएफ एकेडमी की कई फोटो, बीएसफ कंपनी की लोकेशन व तस्वीरें तथा अन्य जानकारियां भी साझा की थीं। 

कई बिंदुओं पर हो रही पूछताछ

एटीएस अच्युतानंद को कस्टडी रिमांड पर लेकर उसके नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों व उसके द्वारा भेजी गई सूचनाओं के बारे में भी पूछताछ कर रही है। इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि आइएसआइ ने उसे कब कितनी रकम भेजी। उसके बैंक खाते भी खंगाले जाएंगे। बीएसएफ की टीम भी उससे पूछताछ करेगी।

वीडियो कॉल पर रूबरू होती थी पाकिस्तानी दोस्त
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ की महिला एजेंटों का जाल लगातार गहराता जा रहा है। उनके खास निशाने पर सैन्यकर्मी व अद्र्धसैनिक बलों के जवान हैं। साइबर हनीट्रैप के जरिये अपने कदम बढ़ा रही आइएसआइ ने कई महिलाओं की भर्ती सिर्फ उनके जाल में फंसने वालों से वीडियो कॉलिंग कर मीठी-मीठी बातें करने के लिए की है।
बीएसएफ का जवान अच्युतानंद मिश्रा भी फेसबुक के जरिये आइएसआइ के चंगुल में फंसने के बाद जासूसी के दलदल में धंसता चला गया। वह फेसबुक के जरिये जिस महिला आइएसआइ एजेंट के झांसे में आया था, उसने खुद को डिफेंस रिपोर्टर होने का दावा किया था। यह फेक आइडी सोनू कौर के नाम से बनाई गई थी। अच्युतानंद से फेसबुक के जरिये जुडऩे के बाद महिला एजेंट ने पाकिस्तानी नंबर पर एक्टिवेट वाट्सएप के जरिये संपर्क बढ़ाया। पाकिस्तानी नंबर देखने के बाद भी अच्युतानंद ने अपने कदम नहीं रोके।

बल्कि अपने फोन में वह नंबर पाकिस्तानी दोस्त के नाम से सेव किया। एटीएस अधिकारियों के अनुसार अच्युतानंद को बखूबी जानकारी थी कि वह सूचनाएं पाकिस्तान भेज रहा है। वीडियो कॉलिंग के जरिये पाकिस्तान दोस्त से उसकी लंबी बातचीत होती थी। बताया गया कि अच्युतानंद सोशल मीडिया के जरिये कई युवतियों के संपर्क में था। काजल शर्मा के नाम से बनी आइडी पर भी उसकी लंबी चैटिंग मिली है। अच्युतानंद नशे का भी लती है।


उल्लेखनीय है कि आइएसआइ लंबे अर्से से सेना व अद्र्धसैनिक बलों में सेंध लगाती रही है। बीते दिनों कश्मीर में आतंकियों को असलहे सप्लाई करने की डील में पकड़ा गया शेख अली अकबर भी इसी तरह हनीट्रैप का शिकार हुआ था। उसके मोबाइल पर भी आइएसआइ की महिला एजेंट का नंबर सेव था। वह पाकिस्तानी नंबर पर चैटिंग करता था और पाकिस्तान में बैठी महिला एजेंट से सीधे जुड़ा था।

सशस्त्र बलों में जागरूकता की जरूरत : डीजीपी
डीजीपी ओपी सिंह ने बीएसएफ जवान अच्युतानंद की गिरफ्तारी के बाद कहा कि यह बेहद संवेदनशील मामला है। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों के जवानों को और जागरूक किया जायेगा। इसके लिए खास मुहिम छेड़ी जायेगी। ताकि वे इस प्रकार हनीट्रैप का शिकार न हों।

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