यूपी के हर मंडल में व्यापारी सम्मेलन करेगी भाजपा, मोदी-योगी सरकार की व्यापारी हित की नीतियों पर होगी चर्चा

विधानसभा चुनाव की तैयारी में मिशन मोड पर लगी भाजपा सभी जातियों को मजबूत डोर में बांधने के लिए पसीना बहा रही है। 31 जाति-वर्गों को चिन्हित कर उनके सामाजिक सम्मेलन शुरू कर दिए हैँ जिनमें से दो हो चुके हैं।

Anurag GuptaWed, 20 Oct 2021 07:01 PM (IST)
15 से 30 नवंबर तक 18 सम्मेलनों से व्यापारियों को जोड़ेगी पार्टी।

लखनऊ, राज्य ब्यूरो। पिछड़े और दलितों को अपने पाले में रखने के लिए सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलन कर रही भाजपा ने व्यापारी वर्ग के अलग से रणनीति बनाई है। वैश्य वर्ग की पार्टी से नाराजगी की चर्चाओं के बीच पहला दांव नितिन अग्रवाल को विधानसभा उपाध्यक्ष बनाकर चला। अब प्रदेशभर के व्यापारियों तक यह संदेश पहुंचाने का प्रयास है कि व्यापारियों की चि‍ंता सिर्फ भाजपा ही करती है। इसके लिए सभी 18 मंडलों में व्यापारी सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे।

विधानसभा चुनाव की तैयारी में मिशन मोड पर लगी भाजपा सभी जातियों को मजबूत डोर में बांधने के लिए पसीना बहा रही है। 31 जाति-वर्गों को चिन्हित कर उनके सामाजिक सम्मेलन शुरू कर दिए हैँ, जिनमें से दो हो चुके हैं। इधर, खास प्रयास वैश्य वर्ग को लेकर भी चल रहे हैं। विपक्षी दल इस बात पर जोर दे रहे हैं कि व्यापारी भाजपा से नाराज हैं। इसमें जीएसटी से पैदा हुई जटिलताएं सहित कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की पुलिस द्वारा गोरखपुर में की गई हत्या को वजह बताया जा रहा है। चुनाव से पहले पहले बनते इस माहौल को थामने के लिए भाजपा ने सपा के बागी विधायक नितिन अग्रवाल को विधानसभा उपाध्यक्ष बनवा दिया। अब प्रदेश भर के व्यापारियों को साधने का जिम्मा भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ को दी गई है। प्रकोष्ठ की क्षेत्रीय बैठकों की रूपरेखा तय हो चुकी है। छह क्षेत्रों के तहत आने वाले सभी 18 मंडलों में व्यापारी सम्मेलन किए जाने हैं। यह सम्मेलन 15 से 30 नवंबर तक प्रस्तावित हैं।

व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक विनीत अग्रवाल शारदा ने बताया कि क्षेत्रीय बैठकों में मंडलवार सम्मेलनों की तारीख तय कर दी जाएगी। इनमें संबंधित मंडल के सभी विधानसभा क्षेत्रों व्यापारी बुलाए जाएंगे। उन्हें बताया जाएगा कि व्यापारियों की वर्षों से लंबित मांग पूरी करते हुए भाजपा सरकार ने 6000 रुपये वार्षिक पेंशन शुरू की। दस लाख रुपये का दुर्घटना बीमा दिया। व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया। साथ ही व्यापार को सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम के दायरे में लाया गया। शारदा का कहना है कि व्यापारी वर्ग की ङ्क्षचता अब तक सिर्फ भाजपा ने की है, जिसे वैश्य और व्यापारी समाज अच्छे से जानता-समझता है।

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