लखीमपुर में चीनी मिल के अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई, यूनिट हेड समेत तीन पर मुकदमा दर्ज

बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न करने पर पलिया चीनी मिल के यूनिट हेड समेत तीन अधिकारियों के खिलाफ गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। सहकारी गन्ना विकास समिति के विशेष सचिव राजेश कुमार ने डीएम के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कराया है।

Vikas MishraTue, 30 Nov 2021 03:29 PM (IST)
चीनी मिल भुगतान नही कर रही है। पुराने बकाया भुगतान को लेकर किसान काफी दिनों से आंदोलित हैं।

लखीमपुर, संवाद सूत्र। बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न करने पर पलिया चीनी मिल के यूनिट हेड समेत तीन अधिकारियों के खिलाफ गम्भीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। सहकारी गन्ना विकास समिति के विशेष सचिव राजेश कुमार ने डीएम के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कराया है। जिसमें यूनिट हेड प्रदीप कुमार सालार, महा प्रबंधक गन्ना सुनील ढींगरा व वित्त प्रबंधक मनोज कुमार को नामजद किया गया है। बजाज ग्रुप की पलिया मिल पर किसानों का करीब 250 करोड़ से अधिक का बकाया है। जिसका चीनी मिल भुगतान नही कर रही है। पुराने बकाया भुगतान को लेकर किसान काफी दिनों से आंदोलित हैं। इस समय भी किसान चीनी मिल परिसर में धरने पर बैठे हैं और मिल नही चलने दे रहे है। किसानों ने मिल को गन्ना आपूर्ति भी बंद करवा दी है। किसी कांटे पर तौल नही हो रही है और गन्ने के अभाव में मिल नही चल रही है।

किसानों ने जिलाधिकारी व शासन को भी ज्ञापन भेजकर भुगतान करने की मांग की थी। जिस पर डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने चार दिन पहले भुगतान की समीक्षा की थी। समीक्षा के बाद डीएम ने मिल अधिकारियों को तीन दिन के भीतर पूरा भुगतान करने के निर्देश दिए थे। भुगतान करने में असफल रहने पर उन्होंने मिल अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद गन्ना समिति के विशेष सचिव राजेश कुमार सिंह ने पलिया कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। जिसमें कहा गया है कि वर्ष 2020-21 में किसानों से 120 लाख क्विंटल गन्ना खरीदा गया था, जिसका मूल्य 387.01 करोड़ बनता है। इसमें से चीनी मिल ने केवल 121 करोड़ का भुगतान किया और बाकी पैसा रोका है। बार बार विभागीय अधिकारियों द्वारा निर्देश देने के बाद भी किसानों का भूगतान नहीं किया जा रहा है।

मिल को इस सम्बंध में नोटिस भी जारी किया गया, लेकिन उसका भी मिल अधिकारियों पर कोई असर नहीं हुआ। डीएम ने बताया कि भुगतान करने के निर्देश दिए थे, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। जबकि गन्ना अधिनायम में यह व्यवस्था है कि गन्ना खरीद के 14 दिन बाद उसका भुगतान किसान को कर दिया जाए। पर मिल अधिकारी इस नियम को दरकिनार करते रहे। यह किसानों का शोषण, धोखाधड़ी व विश्वास घात है। कोतवाली पुलिस ने गन्ना किसानों के साथ धोखाधड़ी, आर्थिक शोषण व विस्वाशघात करने के आरोप में चीनी मिल अधिकारियों के खिलाफ धारा 406, 420, 120 बी व आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा तीन व सात में मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाल ए के राय ने बताया कि विशेष सचिव की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपितों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। सभी आरोपित फरार बताए जा रहे हैं।

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