Bharat Bandh in UP: यूपी में भारत बंद का रहा आंंशिक असर, जान‍िए क‍िस ज‍िले में कैसा रहा माहौल

Bharat Bandh in UP सभी जगह प्रशासनिक अधिकारियों को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर जाम समाप्त किया गया। छह घंटे के चक्का जाम के दौरान प्रदर्शनकारियों की यात्रियों से नोंकझोंक हुई। ज्यादातर जिलों में बाजार पूरी तरह खुले रहे। बंद का कुछ जिलों में आंशिक असर दिखा।

Anurag GuptaMon, 27 Sep 2021 11:16 PM (IST)
मुख्य बाजार नियमित खुले व खूब चहल-पहल भी रही।

जागरण टीम, लखनऊ : संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन ने मुख्य राजमार्गों व मार्गों पर जाम लगाया। सुबह दस से चार बजे तक चक्का जाम में के दौरान एंबुलेंस, सेना के वाहन व स्कूली बच्चे और यात्री जाम में फंसे रहे। सभी जगह प्रशासनिक अधिकारियों को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर जाम समाप्त किया गया। छह घंटे के चक्का जाम के दौरान प्रदर्शनकारियों की यात्रियों से नोंकझोंक हुई। ज्यादातर जिलों में बाजार पूरी तरह खुले रहे। बंद का कुछ जिलों में आंशिक असर दिखा तो ज्यादातर जिलों में बेअसर रहा। गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, हापुड़ में भारत बंद बेअसर रहा। मुख्य बाजार नियमित खुले व खूब चहल-पहल भी रही। आंदोलनकारियों ने मुख्य मार्ग जाम जरूर किए, लेकिन कई स्थानों पर पुलिस ने रूट डायवर्ट कर जाम के असर को काफी हद तक खत्म कर दिया।

भारतीय किसान यूनियन ने मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, सहारनपुर, शामली, बिजनौर आदि जिलों में मुख्य मार्गों पर जाम लगाया। थोड़ी देर के लिए यातायात बाधित रहा, लेकिन पुलिस रूट डायवर्ट कर स्थिति को संभाल लिया। चक्का जाम के दौरान एंबुलेंस, सेना के वाहन व स्कूली बच्चे और यात्री जाम में थोड़ी देर फंसे रहे। सभी जगह प्रशासनिक अधिकारियों को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर जाम समाप्त किया गया।

मुरादाबाद, सम्भल, रामपुर, अमरोहा में कृषि कानून विरोध आंदोलनकारियों ने रास्ता जाम किया। बरेली मंडल में बंद प्रभावी नहीं दिखा। सभी बाजार खुले रहे। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित पुराने टोल टैक्स पर करीब आधा घंटा जाम लगाया। पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं में भी बंद का कोई असर नहीं दिखा।

आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, कासगंज, अलीगढ़, हाथरस में ये आहवान बेअसर रहा। सभी जिलों में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने जुलूस निकाले, प्रशासन को ज्ञापन सौंपे। आगरा में मानव श्रंृखला बनाई, जिससे कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा। हरियाणा में प्रदर्शन के कारण करीब डेढ़ घंटे तक रेल संचालन प्रभावित रहा। दिल्ली की ओर जाने वाली सचखंड एक्सप्रेस आगरा कैंट स्टेशन पर, श्री गंगानगर-नांदेड़ एक्सप्रेस आगरा के रुंदी स्टेशन पर और पश्चिम एक्सप्रेस छाता(मथुरा) पर रुकी रहीं। फिरोजाबाद जिले में प्रशासन ने भाकियू (टिकैत) के कुछ नेताओं को नजरबंद कर लिया था। मथुरा के बलदेव में कुछ व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान तीसरे पहर तक बंद रखे।

प्रयागराज, प्रतापगढ़ और कौशांबी में बंद बेअसर रहा। आम जनजीवन पर इसका कहीं कोई असर नहीं पड़ा। आंदोलनकारियों का प्रदर्शन सांकेतिक ही रहा।

भारत बंद का आह्वïान अवध के जिलों में बेदम निकला। रोजाना की तरह दुकानें खुलीं। सड़कों पर वाहन दौड़े। लोग भी बाजारों में जुटे। कुछ जगहों पर किसान व राजनीतिक दलों के नेताओं को घरों में नजरबंद रखा गया। कहीं-कहीं ज्ञापन देने किसान यूनियन के लोग सड़क पर उतरे। श्रावस्ती, आंबेडकरनगर, सुलतानपुर में किसान संगठनों ने शहर में प्रदर्शन किया। उनके समर्थन में कांग्रेस भी सड़क पर उतरी। बाराबंकी में किसान नेता नजरबंद किए गए। सीतापुर, बहराइच, रायबरेली के अलावा पूर्वांचल के जिलों बलिया, मीरजापुर, जौनपुर, मऊ में बंद बेअसर रहा। इसी तरह कानपुर और आसपास के जिलों में भारत बंद का कोई असर नहीं दिखा। स्थानीय स्तर पर किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने पैदल मार्च कर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर औपचारिकता पूरी की।

आतंकवादी गतिविधियां कर रहे हैं राकेश टिकैत

फिरोजाबाद: भारतीय किसान यूनियन(भानू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में वह कह रहे हैैं कि भाकियू (टिकैत) के राकेश टिकैत भारत बंद का आह्वान कर अपनी आतंकवादी गतिविधियां चलाना चाहते हैं। जिस तरह से तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया है, टिकैत की ऐसी ही गतिविधियां हम 26 जनवरी से देख रहे हैं। सरकारों से अनुरोध है कि इन गतिविधियों पर रोक लगाएं। भाकियू (भानू) 'भारत बंद' के आह्वान का समर्थन नहीं करता।

किसानों ने भारत बंद को बनाया सफल : राकेश टिकैत

गाजियाबाद : भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि वह देशभर में शांतिपूर्वक भारत बंद को सफल बनाने के लिए किसान और मजदूरों का धन्यवाद देते हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत बंद पूरी तरह सफल रहा। देश की राजनीतिक पार्टियों ने भी बंद का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि गन्ना मूल्य वृद्धि के लिए भी जल्द ही वह सड़क पर आंदोलन करेंगे। सरकार से हमारी अपील है कि जल्द से जल्द किसानों की समस्याओं का समाधान निकाले।

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