लखनऊ में बॉब के शाखा प्रबंधक ने दस करोड़ का किया गबन, स्मारक के खाते से न‍िकले दस करोड़ रुपये

बैंक ऑफ बडौदा के महाप्रबंधक को भी पूरी स्थिति से अवगत करा दिया है। सूत्रों के मुताबिक इस खेल में बैंक के अन्य साथियों के साथ ही स्मारक कर्मचारी की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता है।

Anurag GuptaFri, 17 Sep 2021 04:36 PM (IST)
फर्जी कृष्ण मोहन श्रीवास्तव खड़ा करके खाते से निकाले दस करोड़।

लखनऊ, जागरण संवाददाता। बसपा में स्मारकों, संग्राहलयों, संस्थाओं, पार्कों और उपवनों के लिए जो फिक्स डिपाजिट (एफडी) बैंक ऑफ बडौदा में 48 करोड़ रुपये की कराई गई थी, उनमें से दस करोड़ उन्नीस रुपये का गबन करने का आरोप बैंक ऑफ बडौदा के शाखा प्रबंधक (रोशनबाद लखनऊ पूर्वी) नागेंद्र पाल पर लगे हैं। पवन कुमार गंगवार, मुख्य प्रबंधक स्मारकों संग्रहालयों, संस्थाओं पार्कों व उपवन ने गोमती नगर थाने में कई धाराओं में मामला दर्ज कराया है। तहरीर में आरोप लगाया है कि शाखा प्रबंधक ने कृष्ण मोहन श्रीवास्तव (सहायक लेखाकार) नाम का गलत शख्स खड़ा करके खातों से पैसा निकलवा लिया।

वहीं बैंक ऑफ बडौदा से एफडी समय से न लेने के कारण लविप्रा उपाध्यक्ष व स्मारक समिति के सदस्य सचिव अक्षय त्रिपाठी ने देवेंद्र मणि उपाध्याय प्रबंधक वित्त स्मारक समिति को निलंबित कर दिया है। उपाध्याय को बैंक से दस करोड़ उन्नीस रुपये की एफडी प्रपत्र लेना शेष है। वहीं उपाध्याय को सदस्य सचिव के कार्यालय से संबंद्ध कर दिया गया है। लविप्रा के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा काे मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उपाध्याय का काम अब लविप्रा के वित्त नियंत्रक बहाल होने तक देखेंगे।

पवन कुमार गंगवार, मुख्य प्रबंधक स्मारकों संग्रहालयों संस्थाओं ने बताया कि यह 48 करोड़ की राशि ऑनलाइन पीएनबी से बैंक ऑफ बडौदा में स्थानांतरित की गई थी। बैंक प्रबंधक को बताया गया था कि 48 करोड़ की चौबिस एफडी दो-दो करोड़ की करनी है। यह सभी एफडी उस वक्त सबसे अधिक ब्याज दर को देखकर तीन वर्ष एक माह के लिए की गई थी। 31 मार्च 2021 को एफडी कराने के बाद बैंक से एफडी लेनी थी, बैंक प्रबंधक ने 37,99,99,981 रुपये की एफडी बनाकर कई महीनों में दी, लेकिन दस करोड़ उन्नीस रुपये की एफडी नहीं दी। 12 अगस्त 2021 को मुख्य प्रबंधक ने पूरी स्थित से अवगत कराते हुए बैंक प्रबंधक को पत्र लिखा।

इस पर बैंक प्रबंधक नागेंद्र पाल ने पांच अप्रैल 2021 को भेजे गए पत्र का संदर्भ ग्रहण करते हुए कहा कि खाता खोलने के लिए कृष्ण मोहन श्रीवास्तव को अधिकृत हस्ताक्षरकताZ के रूप में नामित किया गया है। वहीं मुख्य प्रबंधक ने दावा किया है कि इस नाम का कोई शख्स स्मारक समिति में नही है, ऐसे में गलत आदमी को दिखाकर और कूटरचित दस्तावेजों को तैयार करवाकर दस करोड़ उन्नीस लाख रुपये खाते से निकाल लिए गए। मुख्य प्रबंधक ने बैंक से गबन की गई राशि की मांग करते हुए आरोपियों पर कार्रवाई की बात कही है।

मुख्‍य प्रबंधक व लविप्रा सचिव पवन कुमार गंगवार ने बताया कि बैंक प्रबंधक पूरी तरह से उत्तरदायी हैं। गंगवार ने बताया कि बैंक द्वारा जो हस्ताक्षर का उल्लेख किया जा रहा है वह फर्जी हैं। उन्होंने तहरीर में उल्लेख किया है कि किसी भी विभाग के शासकीय एवं सार्वजनिक खाते का संचालन किसी भी व्यक्ति द्वारा निजी तौर पर किन्ही भी परिस्थितियों में नहीं किया जाता है। स्मारक समिति के खाते का संचालन मुख्य प्रबंधक एवं प्रबंधक के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाता है। उन्होंने बताया कि मोबाइल नंबर, आइडी नंबर फर्जी प्रयोग किए गए हैं। गंगवार ने ब्याज सहित पूरी राशि की एफडी कराने की बात बैंक से कही है। साथ ही बैंक ऑफ बडौदा के महाप्रबंधक को भी पूरी स्थिति से अवगत करा दिया है। सूत्रों के मुताबिक इस खेल में बैंक के अन्य साथियों के साथ ही स्मारक कर्मचारी की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता है।

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