Lucknow University: चार साल की पढ़ाई पर मिलेगी बैचलर डिग्री विद रिसर्च, नई शिक्षा नीति लागू

लखनऊ विश्वविद्यालय ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत चार वर्षीय स्नातक का नया पाठ्यक्रम तैयार कर लिया है। इस पाठ्यक्रम में छात्र कुल 192 क्रेडिट प्राप्त करेंगे। चार साल का स्नातक पाठ्यक्रम पूरा करने पर छात्र को बैचलर डिग्री विद रिसर्च की उपाधि दी जाएगी।

Vikas MishraWed, 23 Jun 2021 08:22 PM (IST)
लखनऊ विश्वविद्याल ने चार वर्षीय स्नातक का नया पाठ्यक्रम तैयार किया है।

लखनऊ, जेएनएन। लखनऊ विश्वविद्यालय ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत चार वर्षीय स्नातक का नया पाठ्यक्रम तैयार कर लिया है। इस पाठ्यक्रम में छात्र कुल 192 क्रेडिट प्राप्त करेंगे। चार साल का स्नातक पाठ्यक्रम पूरा करने पर छात्र को बैचलर डिग्री विद रिसर्च की उपाधि दी जाएगी। खास बात ये है कि हर वर्ष के अंत में छात्र पाठ्यक्रम को छोड़ कर जा सकेंगे।

दरअसल, पिछले एक सप्ताह से लविवि चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम को तैयार करने में जुटा था। बुधवार को पाठ्यक्रम तैयार होने के बाद कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने इस पर अपनी सहमति दे दी। प्रवक्ता डा. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के निर्देशों के तहत विषयों में अंतः विभागीय और अंतर विभागीय विकल्प छात्रों को दिए जाएंगे। साथ ही को-करिकुलर कोर्स एवं वोकेशनल कोर्स भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

को-करिकुलर और वोकेशनल कोर्स भी शामिल 

चार वर्षों में छात्र मेजर वन मेजर-टू माइनर, को-करिकुलर कोर्स और वोकेशनल कोर्स पढ़ेंगे। मेजर वन में कुल 20 पेपर की पढ़ाई होगी। सभी पेपरों में 4 क्रेडिट दिए जाएंगे। मेजर टू में कुल 12 पेपर और माइनर में चार पेपर होंगे। पहले सेमेस्टर में छात्र दो मेजर वन पेपर, दो मेजर 2 के पेपर, 1 माइनर पेपर और 1 को करिक्युलर कोर्स के साथ कुल 24 क्रेडिट की पढ़ाई करेंगे। 

ये हैं पाठ्यक्रम के प्रमुख बिंदु दूसरे सेमेस्टर में दो मेजर वन पेपर, दो मेजर 2 के पेपर, 1 माइनर पेपर और 1 वोकेशनल कोर्स के साथ कुल 24 क्रेडिट की पढ़ाई करेंगे। पहले वर्ष की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्र सर्टिफिकेट की डिग्री लेकर अपनी पढ़ाई छोड़ सकते हैं और किसी नए कोर्स में सर्टिफिकेट ले सकते हैं।  सेमेस्टर 3 और 4 में भी मेजर वन और मेजर टू के दो-दो पेपर, 1 माइनर पेपर, एक को-करिकुलर कोर्स और एक वोकेशनल कोर्स शामिल होगा। दूसरे वर्ष की पढ़ाई पूरी कर छात्र को डिप्लोमा की डिग्री दी जाएगी। तीसरे साल में छात्र को पांचवें सेमेस्टर में तीन पेपर में जवान के करने होंगे दो पेपर मेजर टू के और एक इंटर्नशिप या टर्म पेपर, और एक माइनर प्रोजेक्ट सबमिट करना होगा। 

शोध के सिद्धांत से होंगे रूबरूः तीसरे साल के बाद छात्र स्नातक की डिग्री लेने में समर्थ होगा। चौथा साल इस नए पाठ्यक्रम की खासियत है। इस साल में सातवें सेमेस्टर में छात्र को रिसर्च मेथाडोलॉजी के पेपर के माध्यम से शोध के सिद्धांतों से अवगत कराया जाएगा। रिसर्च मेथाडोलॉजी के अलावा छात्र पांच पेपर और होंगे जो कि उसके विषय के शोध से संबंधित होंगे। आठवें सेमेस्टर में छात्र एक मेजर प्रोजेक्ट करेंगे जो पूर्ण रूप से 24 क्रेडिट का होगा इन दोनों समय स्टरों को पूरा करने के बाद छात्र को चौथे साल की शिक्षा संपन्न कर बैचलर डिग्री विद रिसर्च से नवाज़ा जाएगा।

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