श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण से पहले बाबा बनेंगे दूल्हा, देश की 11 नदियों के जल से होगा अभिषेक

शिव नगरी काशी में देवाधिदेव महादेव की बरात तो महाशिवरात्रि पर निकाली जाती है लेकिन विस्तार और साज-संवार के बाद निखर उठे श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण से पहले बाबा दूल्हा बनेंगे। महामृत्युंजय महादेव मंदिर से श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर तक बरात निकाली जाएगी।

Umesh TiwariTue, 07 Dec 2021 11:47 PM (IST)
काशी में महामृत्युंजय महादेव मंदिर से श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर तक बरात निकाली जाएगी।

लखनऊ, जेएनएन। वाराणसी में बाबा दरबार से गंगधार तक विस्तारित श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कारिडोर 13 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जनता को समर्पित करेंगे। इस अवसर को ऐतिहासिक बनाने की पूरी तैयारी की जा रही है। देवाधिदेव महादेव की बरात तो महाशिवरात्रि पर निकाली जाती है, लेकिन विस्तार और साज-संवार के बाद निखर उठे श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण से पहले बाबा दूल्हा बनेंगे। महामृत्युंजय महादेव मंदिर से श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर तक बरात निकाली जाएगी। इसमें पूरे शहर की भागीदारी तो कराई ही जाएगी, लोकार्पण समारोह के लिए आमंत्रित भी किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी चार दशक से महाशिवरात्रि पर शिव बरात का आयोजन करने वाली दारानगर शिव बरात समिति को दी गई है।

खास यह कि इस बरात में सभी धर्म के लोग शामिल होते हैं। शंख-डमरू, शहनाई और ढोल तासा की धुन पर नगरवासी शिव के गण भूत-पिशाच, सर्प, बंदर, भालू आदि बाबा की बरात में शामिल होते हैं। आयोजन समिति के अध्यक्ष जगदंबा तुलस्यान और महामंत्री दिलीप सिंह ने बताते हैं कि इस भव्य शोभायात्रा में देश की 11 नदियों का जल शामिल किया जाएगा। शोभायात्रा में श्रीहनुमान ध्वजा प्रभात फेरी और श्रीश्याम मंडल की ओर से 21 ध्वजा की यात्रा निकालने की सहमति संस्था के पदाधिकारियों ने दी है।

शिव तांडव और श्रीराधा-कृष्ण की झांकी होगी आकर्षण का केंद्र : बरात समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस तरह की शोभायात्रा पहली बार निकाली जा रही है। यह अब तक की सबसे अद्भुत और लंबी शोभायात्रा होगी। इस विशाल शोभायात्रा में चालीस झांकियां शामिल होंगी। शोभायात्रा की समाप्ति के बाद वापसी में एक दल बाबा को चढ़ाया हुआ प्रसाद वितरित करेगा।

एक महीने तक चलेंगे आयोजन : श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कारिडोर का 13 दिसंबर को लोकार्पण पीएम नरेन्द्र मोदी करेंगे। इसी के साथ काशी में एक महीने तक चलने वाले आयोजनों की शुरुआत हो जाएगी। इसमें भाजपा शासित मुख्यमंत्रियों का सम्मेलन, देश के सभी महापौरों की सम्मेलन के अलावा हर दिन अलग-अलग आयोजन होने हैं। काशी चलो अभियान के तहत पूरे देश से वाराणसी के लिए ट्रेनें चलाई जाएंगी। इसी क्रम में 16 दिसंबर को योगी कैबिनेट की बैठक भी प्रस्तावित है।

10 हजार किसानों को संबोधित करेंगे पीएम मोदी : श्रीकाशी विश्वनाथ धाम यात्रा के तहत 23 दिसंबर को गो आधारित जैविक खेती विषय पर संगोष्ठी होगी। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शामिल होंगे और दस हजार किसानों से सीधा संवाद करेंगे। किसान आंदोलन को देखते हुए कृषि नीति वापस लेने के बाद यह पहला मौका हो सकता है जब प्रधानमंत्री सीधे किसानों के बीच मौजूद रहेंगे और संवाद करेंगे। आराजी लाइन ब्लाक के शाहंशाहपुर में यह संगोष्ठी होगी। इसमें गुजरात के राज्यपाल समेत देश के प्रसिद्ध कृषि विज्ञानी भी शामिल होंगे। जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने बताया कि किसानों को निमंत्रण देने की तैयारी हो रही है। इसके अलावा काशी समेत प्रदेश व देश के अन्य क्षेत्रों से प्रगतिशील किसानों को बुलावा भेजा जा रहा है।

महापौर सम्मेलन में वर्चुअल संवाद : पहले तय हो रहे कार्यक्रम में पीएम मोदी को महापौर सम्मेलन को भी संबोधित करना था लेकिन बाद में कार्यक्रम में बदलाव किया गया। वर्तमान में जो तय हुआ है कि उसमें संभव है कि 17 दिसंबर को आयोजित महापौर सम्मेलन में पीएम मोदी वर्चुअल मौजूद रहते हुए संवाद करेंगे।

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