लखनऊ में असिस्टेंट कमिश्नर GST संजय शुक्ल ने खुद को गोली से उड़ाया, वाराणसी में थे तैनात

गोमतीनगर विस्तार स्थित सरयू अपार्टमेंट में देर रात हुई घटना। छह मई को हुई थी घर में लाखों की चोरी।

संजय शुक्ला मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले थें। इंस्पेक्टर गोमतीनगर विस्तार के मुताबिक सोमवार रात संजय शुक्ला ने पत्नी के साथ खाना खाया। इसके बाद वह अपने कमरे में चले गए। देर रात करीब 12 बजे कमरे से गोली चलने की आवाज आयी।

Anurag GuptaTue, 18 May 2021 01:33 AM (IST)

लखनऊ, जेएनएन। वाराणसी में तैनात असिस्टेंट कमिश्नर जीएसटी संजय शुक्ला (45) ने रविवार देर रात गोमतीनगर विस्तार में सरयू अपार्टमेंट स्थित अपने फ्लैट में खुद को गोली मार ली। कमरे में खून से लथपथ हालत में वह पड़े मिले। बीते छह मई को उनके यहां लाखों की चोरी भी हुई थी। पुलिस ने मौके से उनका लाइसेंसी असलहा कब्जे में ले लिया है। सूचना पर पुलिस अधिकारियों और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस आत्महत्या के कारणों की पड़ताल कर रही है।

संजय शुक्ला मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले थें। इंस्पेक्टर गोमतीनगर विस्तार के मुताबिक, सोमवार रात संजय शुक्ला ने पत्नी के साथ खाना खाया। इसके बाद वह अपने कमरे में चले गए। देर रात करीब 12 बजे कमरे से गोली चलने की आवाज आयी। पत्नी भागकर कमरे में पहुंची तो संजय शुक्ला खून से लथपथ हालत में बेड पर पड़े थे। आनन-फानन उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने उनका लाइसेंसी असलहा भी कब्जे में ले लिया है। एसीपी ने बताया कि संजय के आत्महत्या करने के कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले की जांच की जा रही है। आजमगढ़ में रहने वाले उनके भाई व परिवारीजन भी आ रहे हैं। उनसे भी इस संबंध में पूछताछ की जाएगी। संजय की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। वहीं, आस पड़ोस के लोगों का कहना है कि शाम तक तो संजय ठीक थे। पड़ोसियों से बातचीत भी की थी। एकाएक संजय के द्वारा आत्महत्या करना कुछ समझ में नहीं आया। लोगों का कहना है कि पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद भी हुआ था।

चोरों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को थी 50 हजार के इनाम की घोषणा: बीते कुछ दिन पहले संजय परिवार के साथ वाराणसी में थे। इस बीच बीते छह मई को चोरों ने उनके फ्लैट में धावा बोलकर वारदात को अंजाम दिया था। लाखों का माल समेट ले गए थे। वह लखनऊ पहुंचे। उसके बाद से वह यहीं थें। चोरों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को उन्होंने 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की थी। चोरी के खुलासे के संबंध में उन्होंने पुलिस कमिश्नर से भी मुलाकात की थी। चोरी की घटना के बाद वह तनाव में थें। सोमवार को संजय को वाराणसी में ज्वाइन करना था, पर वह क्यों नहीं गए। इसकी भी जानकारी किसी को नहीं है। एसीपी ने बताया कि उनकी रविवार को संजय से फोन पर बात भी हुई थी। 

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