युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए यूपी में विशेष अभियान, चार अक्टूबर को सभी जिलों में अप्रेंटिसशिप मेला

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का युवाओं को हुनरमंद बनाने पर विशेष जोर है। अब शिक्षुता प्रशिक्षण अधिकाधिक युवाओं को दिलाने के लिए सरकार अप्रेंटिसशिप मेला आयोजित करने लगाने जा रही है। सभी जिलों में चार अक्टूबर को अप्रेंटिसशिप मेला लगेगा।

Umesh TiwariSat, 18 Sep 2021 07:30 AM (IST)
युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए चार अक्टूबर को यूपी के सभी जिलों में अप्रेंटिसशिप मेला लगाया जाएगा।

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का युवाओं को हुनरमंद बनाने पर विशेष जोर है। अब शिक्षुता प्रशिक्षण अधिकाधिक युवाओं को दिलाने के लिए सरकार अप्रेंटिसशिप मेला आयोजित करने लगाने जा रही है। सभी जिलों में चार अक्टूबर को अप्रेंटिसशिप मेला लगेगा। हर जिले के नोडल राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान परिसर में सुबह 10.30 से 3.30 तक मेला लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

उत्तर प्रदेश के उद्योगों, प्रतिष्ठानों के साथ ही सूक्ष्म लघु व मध्यम उद्योग के प्रोत्साहन के लिए 2016 से राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना और मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना चल रही है। इसी के तहत हर जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। इसमें नोडल राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य और उपायुक्त जिला उद्योग व निर्यात प्रोत्साहन केंद्र को संयुक्त रूप से सदस्य सचिव और सह सदस्य सचिव बनाया गया है।

एमएसएमई के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि चार अक्टूबर को लगने वाले मेले के संबंध में एक सप्ताह पूर्व समिति की बैठक करके सारी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। मेले का जिले भर में प्रचार-प्रसार कराया जाए और तैयारियों की नियमित मानीटरिंग हो। बैठकों में औद्योगिक विकास विभाग के अफसरों को भी बुलाया जाए, ताकि संबंधित औद्योगिक इकाईयों, प्राधिकरणों व अन्य प्रतिष्ठानों में अभ्यर्थियों को अधिक से अधिक प्रशिक्षण दिलाया जा सके। निर्देश है कि अभ्यर्थियों का शिक्षुता प्रशिक्षण के राष्ट्रीय पोर्टल पर पंजीकरण भी कराया जाए। आयोजन सफल करने के लिए संबंधित विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

बता दें कि मुख्यमंत्री अप्रेंटिसशिप (शिक्षुता) प्रोत्साहन योजना के तहत प्रदेश के शासकीय, अशासकीय, एमएसएमई, सहकारी, निगम एवं निजी उद्योग में एक लाख युवाओं को ट्रेनिंग के लिए रखा जाएगा। कौशल विकास की ओर से अकेले एमएसएमई में 50 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा औद्योगिक विकास विभाग में 35 हजार व 18 विभागों में 37 हजार युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को 2500 रुपये प्रशिक्षण भत्ता भी मिलेगा।

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