लखनऊ के अमौसी रन-वे पर खतरा बने अजगर सियार खरगोश और टिटहरी, जहाजों की उड़ान प्रभावित

लखनऊ के अमौसी रन-वे पर हवाई जहाज उड़ान भरने को तैयार है और अचानक कोई सियार नजर आ जाता है। कभी-कभी आठ से दस फीट लंबा अजगर भी रन-वे पर टहलता नजर आता है तो यही हाल खरगोश का है जो घास की लालच में हवाई अड्डे पर आते हैं।

Dharmendra MishraWed, 08 Dec 2021 12:48 PM (IST)
लखनऊ के अमौसी रनवे पर अजगर और सियार से उड़ानें हो रही हैं प्रभावित।

लखनऊ, जागरण संवाददाता।  लखनऊ के अमौसी रन-वे पर हवाई जहाज उड़ान भरने को तैयार है और अचानक कोई सियार नजर आ जाता है। कभी-कभी आठ से दस फीट लंबा अजगर भी रन-वे पर टहलता नजर आता है तो यही हाल खरगोश का है, जो घास खाने की लालच में हवाई अड्डे पर नजर आते हैं। टिटहरी भी उड़ान भरकर खतरा बन रही है और इस समय इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। तीन दिन पहले ही आठ फीट के अजगर को रन-वे से पकड़ा गया था।

रन-वे पर दिखने वाले अजगर विजिटर लांच और चौकियों के पास भी आ रहे हैं। पूर्व में भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। हवाई जहाज की सुरक्षा में खतरा बन रहे इन जीवों से अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रबंधन की नींद उड़ा दी है। हवाई अड्डा प्रबंधन ने भी अपनी रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया है कि ये जीव ही जहाज के उड़ान भरने के दौरान रन-वे पर नजर आते हैं और जरा सी चूक बड़ी घटना का कारण बन सकती है। दरअसल इन जीवों की बढ़ती सं या के पीछे हवाई अड्डा प्रबंधन की लापरवाही भी दिख रही है। हवाई अड्डा क्षेत्र में बनी दीवारों में ही छेद है। मतलब यह है कि जीवों को परिसर में पहुंचने में कोई बाधा नहीं होती हैं। इसी तरह नालों से भी जीव अंदर आ जाते हैं जबकि नालों में लोहे की जाली लगी होनी चाहिए। पूर्व में भी इस तरह की घटनाएं सामने आने के बाद हवाई अड्डा परिसर की सुरक्षा को और मजबूत करने को कहा गया था लेकिन हकीकत यह रही कि कार्ययोजना बैठकों तक ही सीमित रह गई थी।

बीस ट्रैप केजेेज बनेंगेः

जीवों को पकडऩे के लिए हवाई पट्टी क्षेत्र के आसपास बीस ट्रैप केजेेज बनाए जाएंगे, जिससे आसपास से आ रहे सियार व अन्य जीव को पकड़ा जा सके। दरअसल सियार सीमा से किसी न किसी दीवार के अंदर आ जा रहे हैं। इसमे दीवार के नीचे सियारों ने मिट्टी खोदकर सुरंग बना दी है।

वन विभाग चलाएगा रेस्क्यू अभियानः हवाई अड्डा की सुरक्षा में खतरा बने जीवों से निपटने का जिम्मा वन विभाग को दिया गया है। वन विभाग की टीम ने कार्ययोजना तैयार कर ली है और वहां पर रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा। वन विभाग ने पचास से अधिक जीवों को चिंहित किया है, जो रन-वे क्षेत्र में नजर आ रहे हैं। मंगलवार को वन विभाग ने वन्यजीव प्रबंधन और पुनर्वास के लिए हवाई अड्डा के अधिकारियों को प्रशिक्षित किया। टर्मिनल-एक के प्रथम तल पर आयोजित कार्यशाला में हवाई अड्डा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एससी होता, डीएफओ डा.रवि कुमार सिंह, उप प्रभागीय अधिकारी मोहनलालगंज आरएन गुप्ता, क्षेत्रीय वन अधिकारी सरोजनीनगर सीएल गुप्ता भी मौजूद थे।

डीएफओ ने बताया कि हवाई अड्डा क्षेत्र में ये जीव खतरा न बने, इसके लिए वन विभाग ने हवाई अड्डा प्रबंधन को कई सुझाव दिए हैं, जिसमे नालों के अंदर जाली लगाने के साथ ही दीवार से प्रवेश रास्तों को बंद करना शामिल है। सांपों को पकडऩे के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

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