कोरोना से अभ‍िभावकों को खोने वाले विद्यार्थियों का शुल्क होगा माफ, लखनऊ के एकेटीयू में हुआ फैसला

एकेटीयू में कुलपति की अध्यक्षता में वित्त समिति की बैठक में कोरोना वायरस से दिवंगत हुए माता पिता के बच्‍चों को फीस माफी देने का लिया गया फैसला। सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज में बायोटेक में सेंटर फॉर एक्सीलेंस खोलने पर भी हुआ निर्णय।

Anurag GuptaSun, 13 Jun 2021 09:55 AM (IST)
परिवारजन को पांच लाख रुपये की सहायता विवि द्वारा दी जाएगी।

लखनऊ, जेएनएन। डा. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि (एकेटीयू) में शनिवार को विवि के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक की अध्यक्षता में वित्त समिति की 58वीं बैठक हुई। कुलपति प्रो. पाठक ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण जिन विद्यार्थियों के माता या पिता का निधन हुआ है, ऐसे सभी विद्यार्थियों की शेष बचे सभी सत्रों के शुल्क का वहन विवि द्वारा किया जाएगा। यह लाभ विवि के निजी एवं शासकीय दोनों क्षेत्रों के संस्थानों के विद्यार्थियों को दिए जाने का निर्णय लिया गया है। शासकीय एवं निजी संस्थानों में कार्यरत जिन शिक्षकों की मृत्यु कोविड-19 संक्रमण से हुई है, उनके परिवारजन को पांच लाख रुपये की सहायता विवि द्वारा दी जाएगी।

 इसके अलावा कोरोना के दौरान विवि परिवार और उनसे जुड़े व्यक्तियों के स्वास्थ्य संबंधी देखभाल एवं चिकित्सा संबंधी सुविधाएं मुहैया करवाने में कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के निर्देशन में सराहनीय योगदान देने के लिए विवि द्वारा सहायक कुलसचिव डा. आयुष श्रीवास्तव, वाहन चालक तुलसीराम, एम्बुलेंस चालक आइईटी अशोक कुमार को पुरस्कृत किए जाने का निर्णय लिया गया है। डा. आयुष श्रीवास्तव को पुरस्कार के तौर पर 50 हजार रुपये, तुलसीराम एवं अशोक कुमार को 10-10 हजार रुपये देने का निर्णय लिया गया है।

बैठक में आइईटी में बीटेक बायोटेक का पाठ्यक्रम स्ववित्तपोषित मोड में संचालित किए जाने को हरी झंडी प्रदान की गई। इसके साथ ही बायोटेक के क्षेत्र में उच्चस्तरीय शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए एक सेंटर फॉर एक्सीलेंस की स्थापना करने का भी निर्णय लिया गया है। यह सेंटर फॉर एक्सीलेंस विवि के सेंटर फॉर एडवांस स्टडीज में स्थापित किया जाएगा। सेंटर को स्थापित करने के लिए लगभग छह करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। बैठक में विशेष सचिव प्राविधिक शिक्षा कृपाशंकर, प्रतिकुलपति प्रो. विनीत कसंल, विवि के वित्त अधिकारी जीपी सिंह, कुलसचिव नन्द लाल सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. राजीव कुमार, डीन एफओए प्रो. वंदना सहगल समेत तमाम लोग मौजूद रहे।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.