अखिलेश यादव ने कहा-गठबंधन के पास PM के कई प्रत्याशी, भाजपा के पास नया नहीं

लखनऊ, जेएनएन। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार से विचित्र मांग की है। प्रदेश में साधु-संतों को पेंशन देने की खबरों के बीच अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ सरकार से हर जगह पर रामलीला में काम करने वाले सभी कलाकारों को भी पेंशन देने की मांग कर दी है। इसके साथ ही गठबंधन के प्रधानमंत्री प्रत्याशी के बारे में कहा कि हमारे पास तो कई हैं, लेकिन भाजपा के पास कोई नया नाम नहीं है। 

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने आज लखनऊ में पार्टी की छात्र इकाई के पदाधिकारियों से भेंट करने के बाद मीडिया को संबोधित किया। अखिलेश यादव आज लखनऊ में विभिन्न डिग्री कालेज में समाजवादी छात्रसभा के विजेता पदाधिकारियों से मिले और उनको शुभकामना दी। उन्होंने सपा-बसपा गठबंधन के नेता के बारे में कहा कि हमारे पास तो प्रधानमंत्री के कई दावेदार हैं, लेकिन भाजपा के पास कोई नया नाम नहीं है। गठबंधन तो अपना प्रधानमंत्री आसीन करने की तैयारी में लगा है।

महागठबंधन के नेतृत्व के बारे में उन्होंने कहा कि हमारे पास बहुत विकल्प हैं। हमारे देश में नेतृत्व जनता खुद तय कर लेती है। आने वाले समय में जल्दी ही महागठबंधन का नेता तय होगा। देश नया प्रधानमंत्री का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। हम लोग भाजपा की सरकार को गिराने में लगे हैं और अपने प्रयास में सफल भी होंगे। अखिलेश यादव ने पत्रकार वार्ता में सपा बसपा गठबंधन की सीटों का विस्तृत ब्यौरा जारी करने की बात कही। रालोद व निषाद पार्टी को सीट देने के सवाल पर मौन रहे।

अखिलेश यादव ने कहा कि कहा जा रहा है कि दुनिया में भारत का डंका बज रहा है। इतना बड़ा झूठ बोलने में भी भाजपा को शर्म नहीं आ रही है। दुनिया में सबसे ज्यादा बेरोजगार भारत में ही रहते हैं। इसका भी डंका बज रहा है। हेल्थ इंडीकेटर्स पर जाएं और बीमारियों पर चर्चा करें तो कई स्टडी बताती हैं कि दुनिया में सबसे ज्यादा बीमारी भारत में फैल रही हैं। इसका भी डंका बज रहा है। कई रिपोर्ट बता रही हैं कि सबसे ज्यादा कैंसर पीडि़त भारत में ही है। इसके बाद आने वाले समय में सबसे ज्यादा कैंसर का खतरा भारतीयों को ही है।

अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षा में क्या हाल है, तो डंका कैसे बज रहा है। दुनिया में कहीं भी भीड़ आदमी को मार रही हो। इसका भी तो डंका बज रहा होगा। दुनिया में सबसे ज्यादा झूठ भारतीय जनता पार्टी ने बोला है। उनकी राजनीतिक भाषा, व्यवहार जनता ने देख लिया है। अब उन्हें जनता बताएगी। अखिलेश यादव ने कहा कि कोई राजनीतिक दल यह ट्रेनिंग नहीं देता होगा कि क्या भाषा होगी। भाजपा के लोग जो भारतीय संस्कृति की दुहाई देते हैं, सोचिए उनकी भाषा क्या है। यह तो कहिए आज जमाना डिजिटल है। राजनीति में ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। भाजपा की विधायक ने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है, वह राजनीति में कोई इस्तेमाल करता है क्या। अखिलेश ने कहा कि अभी तो चुनाव करीब आ रहा है। अभी कुछ लोगों की भाषा और निचले स्तर पर जाएगी। 

जो लोग संस्कृति और समाज का ढंका पीटते हैं उनकी भाषा कल देखी आपने, बसपा की नेता आदरणीय मायावती जी के लिए जिस स्तर की घटिया भाषा का इस्तेमाल किया वह गलत है। इनके पास काम का कोई ब्यौरा नहीं है इसलिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन इस बार चुनाव में जनता उन्हें जवाब देने के लिए तैयार बैठी है। उसी महिला विधायक ने सपा के बारे में क्या कहा यह देखा है। मायावती जी के लिए जो शब्द इस्तेमाल किये गए हैं, उससे तो लग रहा है कि यह लोग फ्रस्टेट हैं। आंखों के सामने अंधेरा है उनके। अपने काम ना बता कर दूसरी तरफ चुनाव ले जाना चाहते हैं। अभी इनकी भाषा और गिरेगी।

यूपी में घुमंतू पशुओं की समस्या आगरा के एक किसान की मौत का कारण बन गयी. भाजपा की गलत नीतियों से पहले से ही परेशान किसान की अब सिर्फ़ फ़सल ही नहीं बल्कि जान भी दाँव पर लग गयी है. युवाओं और व्यापारियों-कारोबारियों के बाद अब किसानों की निगाह में भी ये सरकार ‘टोटल फ़ेल सरकार’ है. pic.twitter.com/wIBQfw0Hau

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 21, 2019

अखिलेश यादव ने भाजपा के विकास कार्य पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि वह महिलाएं इंतजार कर रही हैं, जिन्हें सिलेंडर और चूल्हा दिया गया था। चुनाव आए तो बताएं सिलेंडर कैसे भरा जाता है। वाराणसी में प्रवासी सम्मेलन पर अखिलेश यादव ने कहा हमें उम्मीद है कि कुंभ में नहाने के बाद वह यूपी में इन्वेस्टमेंट करेंगे। यूपी में इन्वेस्टमेंट तो हुआ नहीं। मैं एनआरआई का स्वागत करता हूं, काशी देखें, कुंभ देखें, मैं चाहता हूं कि लौटते समय एक्सप्रेस वे पर भी जाएं. ताकि पता करें काम कौन कर रहा है।

अखिलेश की मांग- रामलीला में काम करने वालों को भी मिले पेंशन

अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में सभी साधु -संतों को कम से कम 20-20 हजार रुपया महीना पेंशन मिलनी चाहिए। इसके साथ ही सरकार रामलीला में काम करने वाले सभी कलाकारों को भी पेंशन दे। इनमें राम, सीता व लक्ष्मण का रोल करने वालों को भी शामिल किया जाए। उनको भी पेंशन मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके बाद सरकारी खजाने से कुछ बचे तो रावण को भी पेंशन मिले। अखिलेश यादव ने कहा कि कुंभ में दान होता है। भारत सरकार यूपी को संगम किनारे का किला दान कर दे। 

अखिलेश यादव ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि प्रवासी कुछ इन्वेस्ट करेंगे, कुम्भ देखकर मन बदलेगा। उन्हें भरोसा दिलाना होगा। ठोको नीति से उनका भरोसा नहीं जीता जा सकेगा। हमने पत्रकारों का सम्मान किया, लेकिन यह लोग उनकी पिटाई करवा रहे हैं। 

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