सुलतानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर वायुसेना का हेलीकॉप्टर लैैंड, एयर मार्शल ने किया निरीक्षण

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे एयर स्ट्रीप का एयर मार्शल ने किया निरीक्षण।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे ढोढवा गांव के पास लड़ाकू विमान उतराने को लेकर गुरुवार की दोपहर भारतीय वायु सेना के एयर मार्शल राजेश कुमार के साथ एवीएसएम सेंट्रल एयर कमांड प्रयागराज के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने हवाई पट्टी पर हेलीकॉप्टर लैंड कर करीब दो घंटे तक निरीक्षण किया।

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 10:12 PM (IST) Author: Anurag Gupta

सुलतानपुर, जेएनएन। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के रनवे पर फाइटर प्लेन उतारने की कवायद का एयर मार्शल निरीक्षण किया। वायु सेना और यूपीडा के अधिकारियों ने निर्माण कार्य को लेकर बैठक की और जायजा लिया। महत्वपूर्ण रहा कि निर्माणधीन एयर स्ट्रीप पर ही वायुसेना का हेलीकॉप्टर लैैंड कराया गया।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे ढोढवा गांव के पास लड़ाकू विमान उतराने को लेकर गुरुवार की दोपहर भारतीय वायु सेना के एयर मार्शल राजेश कुमार के साथ एवीएसएम, वीएम एडीसी एयर ऑफिसर कमांड‍िंग इन चीफ, सेंट्रल एयर कमांड प्रयागराज के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने हवाई पट्टी पर हेलीकॉप्टर लैंड कर करीब दो घंटे तक निरीक्षण किया। यूपीडा के अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया। इस मौके पर जिलाधिकारी रवीश गुप्ता, पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीणा, मुख्य अभियंता यूपीडा मनोज कुमार सिहं, मुख्य महाप्रबंधक यूपीडा एके पांडेय, अधिशाषी अभियंता यूपीडा एसके सुमन और उपजिलाधिकारी जयङ्क्षसहपुर विधेश मौजूद रहे।

यूपी में पहले यमुना एक्सप्रेस और फिर आगरा एक्सप्रेस वे के बाद अब भारतीय वायुसेना के लिए नया एक्सप्रेस वे लड़ाकू विमानों की लैंडिंग के लिए तैयार हो रहा है। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर 3300 मीटर लंबी एयर स्ट्रिप भी बनेगी। जिस पर विमानों का एक बड़ा बेड़ा एक साथ तैनात हो सकेगा। यहां से एक पूरी स्क्वाड्रन ऑपरेशन कर सकेगी। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर अयोध्या-अंबेडकरनगर के बीच बन रही 3300 मीटर लंबी एयर स्ट्रिप पर वायुसेना फ्रांस से आए आधुनिक राफेल विमानों को भी उतार सकती है।

वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक राफेल के लिए बीकेटी वायुसेना स्टेशन को पहले ही तैयार कर लिया गया है। यहां से आने वाले दिनों में राफेल को पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर उतारा जा सकता है। हालांकि अभी इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय एयर स्ट्रिप बनने के बाद भौतिक निरीक्षण पर ही तय होगी। वहीं वायुसेना चीन से सटे उत्तराखंड की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। वायुसेना के पायलटों को सिविल एयरपोर्ट के इस्तेमाल के लिए वहां करीब तक उड़ान भरने का अभ्यास उनके पाठयक्रम को पूरा करने के लिए कराया जा रहा है।

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