Sawan 2021: महाकाल मंदिर के भस्म से आरती, महिलाओं ने व्रत रख कर की भगवान शिव-पार्वती की स्तुति

मनकामेश्वर मंदिर पर हमले के पत्र के बाद रविवार को मंदिर की सुरक्षा बढ़ा दी गई। पीएसी की निगरानी में क्लोज सर्किट कैमरा श्रद्धालुओं पर नजर रखेगा। महंत देव्या गिरि ने बताया कि सुरक्षा कारणों से मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

Rafiya NazMon, 02 Aug 2021 07:40 AM (IST)
श्रावण मास का दूसरा सोमवार आज मंदिरों में होगी पूजा।

लखनऊ, जागरण संवाददाता। देवादिदेव महादेव के पूजन के श्रावण मास के दूसरे सोमवार को शिव मंदिरों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर खास इंतजाम किए गए हैं। मनकामेश्वर मंदिर पर हमले के पत्र के बाद रविवार को मंदिर की सुरक्षा बढ़ा दी गई। पीएसी की निगरानी में क्लोज सर्किट कैमरा श्रद्धालुओं पर नजर रखेगा। महंत देव्या गिरि ने बताया कि सुरक्षा कारणों से मंदिर के गर्भ गृह में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। एक बार में 50 श्रद्धालु ही मंदिर के अंदर जा सकेंगे। अभिषेक के लिए अलग से गर्भगृह के बाहर विशेष अरघा बनाया गया है। सोमवार को श्रद्धालुओं ने सुरक्षा व्‍यवस्‍था के बीच दर्शन किए और मंदिरों में पूजा की।

राजेंद्रनगर स्थित महाकाल मंदिर में सुबह चार बजे उज्जैन के महाकाल मंदिर से आई भस्म से आरती होगी। रुद्राभिषेक के साथ ही महाआरती होगी। चौक रानी कटरा स्थित के छोटा व बड़ा शिवाला में भी सोमवार को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। कोनेश्वर मंदिर के साथ ही सदर के द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर में भी अभिषेक को लेकर तैयारियां पूरी हो गई हैं। आशियाना के सेक्टर-एच स्थित द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर, बंगलाबाजार के श्री रामजानकी मंदिर, इंद्रेश्वर मंदिर, मौनी बाबा मंदिर व गुलाचिन मंदिर के अलावा सिद्धेश्वर मंदिर, निशातगंज के मेवा नर्सरी स्थित भोलेश्वर शिव मंदिर, सैसोवीर मंदिर, गोमतेश्वर मंदिर व विन्ध्याचल मंदिर के अलावा शहर के सभी शिव मंदिर पूजन के लिए तैयार हैं। इंदिरानगर के शिव शक्ति मंदिर, स्वप्नेश्वर महादेव मंदिर, इंदिरानगर भूतनाथ मंदिर, महानगर के सिद्धेश्वर मंदिर, राजाजीपुरम, सआदतगंज, आलमबाग, चिनहट के अलावा शहर के सभी छोटे बड़े शिव मंदिरों पर तैयारियां पूरी होने के साथ ही मंदिरों को झालरों से सजाया गया है।

व्रती महिलाएं ऐसे करें शिव पूजन: आचार्य आनंद दुबे ने बताया कि वैसे तो भगवान शिव की पूजा कैसे भी करिए वह प्रसन्न हो जाते हैं, लेकिन विधि विधान से पूजन के नियम भी हैं। इसके तहत सुबह भोले के पूजन के लिए भगवान को फल, पुष्प, काले तिल, बेलपत्र, गंगाजल, शहद, घी, गौदुग्ध, दही, शर्करा, वस्त्र, मिष्ठान, मौसमी फल, भांग, धतूरा फल, गन्ने का रस, बेल और बेर अर्पण कर पंचाक्षर जप से आराधना करनी चाहिए।

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