विदेश से यूपी लौटे 21 लोग कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से मिले संक्रमित, अभी ओमिक्रोन का एक भी रोगी नहीं

उत्तर प्रदेश में विदेश से लौटे 21 लोग कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से संक्रमित पाए गए हैं। अभी ओमिक्रोन वैरिएंट का एक भी रोगी प्रदेश में नहीं मिला है। ओमिक्रोन के मुकाबले डेल्टा वैरिएंट की संक्रमण दर कम है।

Umesh TiwariMon, 06 Dec 2021 07:27 PM (IST)
उत्तर प्रदेश में विदेश से लौटे 21 लोग कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से संक्रमित पाए गए हैं।

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश में विदेश से लौटे 21 लोग कोरोना के डेल्टा वैरिएंट से संक्रमित पाए गए हैं। अभी ओमिक्रोन वैरिएंट का एक भी रोगी प्रदेश में नहीं मिला है। ओमिक्रोन के मुकाबले डेल्टा वैरिएंट की संक्रमण दर कम है। यानी यह कम तेजी से फैलता है, मगर इसमें रोगी की जान जाने का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे में प्रदेश में सतर्कता और बढ़ा दी गई है। विदेश से वापस आए ऐसे लोग जिनकी कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आ रही है, उनकी जीनोम सिक्वेंसिंग कराई जा रही है। कुल 22 सैंपल भेजे गए थे और उसमें से एक खराब निकला।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक डा. वेदब्रत सिंह का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए सभी जरूरी उपाए किए जा रहे हैं। फोकस टेस्टिंग अभियान को और तेज कर दिया गया है। एयरपोर्ट, बस व रेलवे स्टेशन पर बाहर से आ रहे लोगों की जांच की जा रही है। कोरोना जांच पर विशेष जोर दिया जा रहा है। देश में अब तक सबसे ज्यादा 8.85 करोड़ लोगों की कोरोना जांच उत्तर प्रदेश में की गई है।

जांच के साथ-साथ सर्विलांस पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए 50 से अधिक लोगों की जांच की जा रही है। 80 हजार निगरानी कमेटियों की मदद से बाहर से आए लोगों पर नजर रखी जा रही है। कोरोना की दूसरी लहर में डेल्टा वैरिएंट के कारण तमाम लोगों की जान गई थी। ऐसे में लोगों को सलाह दी गई है कि वह दो गज की शारीरिक दूरी के नियम का सख्ती से पालन करें और मास्क जरूर लगाएं।

ओमिक्रोन से बचाव के लिए अस्पतालों में अलर्ट  : उत्तर प्रदेश में ओमिक्रोन से बचाव के लिए हर संभव उपाए किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश ने इसके लिए कमर कस ली है। ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट की नीति को सख्ती से लागू किया जा रहा है। अस्पतालों में अभी से बेड बढ़ाने का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। मेडिकल कालेजों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) तक पर बेड बढ़ाए जा रहे हैं। सभी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है, कि वह इससे निपटने के लिए मजबूत इंतजाम अभी से रखें। मेडिकल कालेजों में 100 बेड के पीडियाट्रिक आइसीयू (पीकू) व नियोनेटल आइसीयू (नीकू) तैयार कर लिए गए हैं।

मेडिकल कालेज से लेकर पीएचसी तक में बढ़े बेड : सभी मेडिकल कालेजों को निर्देश दिए गए हैं कि वह व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त रखें, ताकि कोई कठिनाई न हो। वहीं 100 से कम बेड वाले जिला अस्पतालों में 42 बेड व 100 से अधिक बेड वाले जिला अस्पतालों में 32 बेड बढ़ाए जा रहे हैं। इसमें चार बेड आइसीयू व आठ बेड एचडीयू के हैं। वहीं सभी 855 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर 30 बेड से बढ़ाकर 50 बेड किए जा रहे हैं और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में छह बेड से बढ़ाकर 10 बेड किए जा रहे हैं। वहीं, प्रदेश में अभी तक 525 आक्सीजन प्लांट अस्पतालों में शुरू किए जा चुके हैं। जल्द करीब 25 नए आक्सीजन प्लांट जल्द शुरू करने की तैयारी की जा रही है।

दो दिन बाद घटे मरीज, 10 नए संक्रमित मिले : उत्तर प्रदेश में दो दिन बाद कोरोना के मरीजों की संख्या में कमी आई है। सोमवार को कोरोना के 10 नए रोगी मिले। सबसे ज्यादा चार मरीज गाजियाबाद में मिले हैं। अलीगढ़ में दो, रायबरेली, वाराणसी, गोरखपुर व अमेठी में एक-एक नया रोगी मिला है। इससे पहले शनिवार व रविवार को क्रमश : 27 व 29 मरीज मिले थे। बीते 24 घंटे में कोरोना के 1.46 लाख टेस्ट किए गए। अब सक्रिय केस 137 हैं। प्रदेश में अब तक कुल 17.10 लाख लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं और इसमें से 16.87 लाख लोग स्वस्थ हो चुके हैं। रिकवरी रेट अब 98.7 प्रतिशत है। इस समय सबसे ज्यादा 23-23 रोगी क्रमश : गौतम बुद्ध नगर और लखनऊ में हैं। इसके बाद मथुरा में 22 रोगी हैं। 40 जिलों में अब कोरोना का एक भी मरीज नहीं है। अब तक कुल 22911 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.