अंबेडकरनगर में डीएलएड गणित का पर्चा लीक, रंगेहाथ पकड़े गए 105 परीक्षार्थी

परिणाम रोकने की संस्तुति, नहीं हुई कानूनी कार्रवाई, प्रशासन बेखबर।

यह गड़बड़ी दो परीक्षा केंद्रों बीएन इंटर कॉलेज अकबरपुर एवं राम अवध जनता इंटर कॉलेज बरियावन बाजार में हुई है। परीक्षा को निरस्त करते हुए परीक्षा नियामक प्राधिकरण ने दोबारा परीक्षा कराई। इसके लिए जिला स्तर पर कुल 13 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।

Publish Date:Thu, 26 Nov 2020 08:46 PM (IST) Author: Anurag Gupta

अंबेडकरनगर, जेएनएन। डीएलएड के गणित की परीक्षा का पर्चा दूसरी बार भी लीक हो गया। हालांकि, इसकी भनक जिला प्रशासन को दूसरे दिन भी नहीं लगी। वजह आयोजनकर्ताओं ने परीक्षा नियामक प्रधिकरण को इसकी सूचना देने के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। यह गड़बड़ी दो परीक्षा केंद्रों बीएन इंटर कॉलेज अकबरपुर एवं राम अवध जनता इंटर कॉलेज बरियावन बाजार में हुई है। शुचिता तार-तार करने में रंगेहाथ पकड़े गए 105 परीक्षार्थियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है। गणित का पर्चा पहले भी लीक हुआ था। परीक्षा को निरस्त करते हुए परीक्षा नियामक प्राधिकरण ने दोबारा परीक्षा कराई। इसके लिए जिला स्तर पर कुल 13 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।

बीते बुधवार को बीएन इंटर कॉलेज व राम अवध जनता इंटर कॉलेज में डीएलएड के दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा सुबह 10 से 11 बजे के बीच शुरू हुई। परीक्षा केंद्र के पर्यवेक्षक व आंतरिक सचल दल परीक्षार्थियों की सघन तलाशी करने लगे। परीक्षार्थियों के प्रवेशपत्र और कलाई से लेकर बांह तक सवालों के उत्तर लिखे मिले। प्रश्नपत्र से मिलान कराने पर पर्चा लीक होने की पुष्टि होने लगी। इसकी सूचना तत्काल डायट प्राचार्य को केंद्र प्रभारियों ने दी। यहां अन्य परीक्षार्थियों के हितों को देखते हुए परीक्षा को जारी रखा गया।

केंद्र प्रभारी ने अनुचित सामग्री का प्रयोग करने वाले सभी परीक्षार्थियों के नाम और अनुक्रमांक दर्ज करके डायट प्राचार्य को रिपोर्ट सौंपी। इसपर डायट प्राचार्य व केंद्र प्रभारियों ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी को कार्रवाई के लिए संयुक्त रिपोर्ट भेज दी। डायट प्राचार्य मनोज गिरी ने बताया कि अनुचित साधन का प्रयोग करते बीएन इंटर कॉलेज में मिले 56 और राम अवध जनता इंटर कॉलेज में मिले 49 परीक्षार्थियों का परीक्षा परिणाम रोकने के लिए परीक्षा नियामक प्राधिकरण के सचिव को पत्र भेजा गया है।

'पर्चा लीक होने की जानकारी नहीं है। गंभीर प्रकरण में आरोपितों के पकड़े जाने पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित कर मुकदमा दर्ज कराना जरूरी है। डायट प्राचार्य से जानकारी मांगी जा रही है।'   - डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी।

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