इंटरनेट मीडिया पर एनपीएस के खिलाफ अभियान छेड़ेंगे 10 लाख रेलकर्मी, टविटर से जोड़ने की मुहिम शुरू

टविटर पर बुधवार को रेलवे एनटीपीसी भर्ती परीक्षा जमकर ट्रेंड हुई। इसे प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी ने भी टविट किया। अब इस मुहिम को देश भर के रेलकर्मी भी आगे बढ़ाएंगे। उनका मुद्दा नई पेंशन स्कीम को समाप्त करने और अप्रेंटिस की भर्ती दोबारा शुरू करने का होगा।

Dharmendra MishraPublish:Thu, 02 Dec 2021 01:05 PM (IST) Updated:Thu, 02 Dec 2021 01:05 PM (IST)
इंटरनेट मीडिया पर एनपीएस के खिलाफ अभियान छेड़ेंगे 10 लाख रेलकर्मी, टविटर से जोड़ने की मुहिम शुरू
इंटरनेट मीडिया पर एनपीएस के खिलाफ अभियान छेड़ेंगे 10 लाख रेलकर्मी, टविटर से जोड़ने की मुहिम शुरू

लखनऊ, जागरण संवाददाता। टविटर पर बुधवार को रेलवे एनटीपीसी भर्ती परीक्षा जमकर ट्रेंड हुई। इसे प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी ने भी टविट किया। अब इस मुहिम को देश भर के रेलकर्मी भी आगे बढ़ाएंगे। उनका मुद्दा नई पेंशन स्कीम को समाप्त करने और अप्रेंटिस की भर्ती दोबारा शुरू करने का होगा। ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआइआरएफ) के आहवान पर एक जनवरी को 10 लाख रेलकर्मी टविटर पर मुहिम छेड़ेंगे। एआइआरएफ ने सभी जोनल और मंडल के कर्मचारियों को टविटर से जोड़ने का अभियान भी शुरू किया है।

एआइआरएफ के साथ कई कर्मचारी संगठन वर्षों से एनपीएस को समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू करने की मांग कर रहे हैं। मंगलवार को ईको गार्डेन में राज्य कर्मचारियों व शिक्षकों के एनपीएस के खिलाफ हुए प्रदर्शन में समर्थन देने एआइआरएफ के केंद्रीय महामंत्री शिव गोपाल मिश्र भी वहां पहुंचे थे। वहीं रेलवे के कारखानों में अप्रेंटिस कर चुके बड़ी संख्या में युवाओं को अब तक नौकरी नहीं मिल सकी है। लखनऊ में 18 मार्च 2018 को आए तत्कालीन रेलमंत्री पीयूष गोयल को इन आवेदकों की नाराजगी का सामना करना पड़ा था। अब एआइआरएफ अपने कर्मचारियों और अप्रेंटिस कर चुके युवाओं को साथ मिलाकर टविटर पर एक जनवरी को मुहिम छेड़ेगी। रेलवे में तैनात करीब 12 लाख रेलकर्मियों में सात लाख युवा हैं। एआइआरएफ ने अपने स्थानीय स्तर तक के यूनियन के प्रकोष्ठों को निर्देश दिया है कि वह दो सप्ताह के भीतर स्मार्ट फोन वाले रेलकर्मियों का टविटर एकाउंट बनाने में सहयोग करे। उनको एक जनवरी को चलने वाले अभियान के लिए भी तैयार करे। एआइआरएफ के केंद्रीय महामंत्री शिवगोपाल मिश्र का कहना है कि इंटरनेट प्लेटफार्म पर इतनी बड़ी संख्या में अपनी आवाज उठाने की मुहिम के लिए बड़े पैमाने पर तैयारी हो रही है। दक्षिण भारत से लेकर देश के हर हिस्से में कर्मचारियों को जागरूकता के लिए सेमिनार हो रहे हैं। सात लाख युवा कर्मचारियों के टविटर एकाउंट सक्रिय हो गए हैं। शेष तीन लाख कर्मचारियों को भी जल्द ही टविटर से जोड़ा जाएगा।