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डग्गामारी न रुकी तो 30 से बंद होगा निजी बसों का संचालन

लखीमपुर: जब से ट्रेनों का संचालन बंद हुआ है तब से यातायात की पूरी व्यवस्था निजी बसों के संचालन पर टिकी हुई है। पिछले सालों में यहां की प्राइवेट बस यूनियन काफी प्रभावी थी लेकिन जब से मैजिक व अन्य छोटे वाहन चलने लगे तब से उसकी आमदनी घटने लगी। इधर डग्गामारी करने वाली बाहरी बसों के आ जाने से बस यूनियन की हालत काफी खराब हो गई है। पलिया एरिया रूट पर सवारियां न के बराबर रह गई हैं जिससे बसों को घाटा होने लगा है। अब जब पानी सिर से ऊपर हो गया तो बस यूनियन ने डग्गामार बसों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनियन ने एआरटीओ को साफ शब्दों में चेतावनी दे दी है कि यदि 30 अक्टूबर तक बाहर से आने वाले डग्गामार वाहनों को लोकल सवारियां बैठाने से नही रोका गया तो वे बसों का संचालन बंद कर अपने परमिट सरेंडर कर देंगे।

पलिया बस यूनियन के अध्यक्ष धर्म सिंह ने बताया कि पंजाब व पूर्वांचल तक यहां से बसें चलाई जा रही हैं जो अवैध रूप से चल रही हैं और वे लोकल सवारियां भी उठा रही हैं जिससे यूनियन की बसें खाली चल रही है। उनका कहना था कि यदि इस पर अंकुश नहीं लगा तो यूनियन की बसों का चलना नामुमकिन हो जाएगा। क्योंकि हमे टैक्स देना पड़ता है और तमाम खर्चे भी करने पड़ते है ऐसी हालत में बसों को बनाए रखना मुश्किल है।

क्या कहते हैं अधिकारी

सहायक संभागीय अधिकारी (पीटीओ) श्री राम कश्यप का कहना है कि बस यूनियन की बात सही है। डग्गामार बसों पर नियंत्रण किया जाएगा जिससे यूनियन की बसें बची रहे अन्यथा की स्थिति में तो परिवहन व्यवस्था पंगु हो जाएगी। क्योंकि रोडवेज की पर्याप्त बसें नही है और ट्रेनों का संचालन बंद ऐसी दशा मे यदि निजी बसें बंद हो गई तो यातायात का कोई साधन ही नही बचेगा।

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