बाघों से लड़ने वाली टेरेसा ने दिया मादा शिशु को जन्म

मानव-बाघ संघर्ष के दौरान बाघ को घेरने वाली दुधवा नेशनल पार्क की हथिनी टेरेसा ने मादा शिशु को जन्म दिया।

JagranFri, 05 Feb 2021 10:57 PM (IST)
बाघों से लड़ने वाली टेरेसा ने दिया मादा शिशु को जन्म

लखीमपुर: मानव-बाघ संघर्ष के दौरान बाघ को घेरने वाली दुधवा नेशनल पार्क की हथिनी टेरेसा ने मादा शिशु को जन्म दिया है। यह टेरेसा का पहला बच्चा है। शिशु के जन्म से दुधवा पार्क के अधिकारी काफी खुश नजर आ रहे हैं। दुधवा प्रशासन ने सर्दी के मौसम में उनकी जान बचाने के लिए दोनों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया है। अब दोनों पूरी तरह स्वस्थ बताए जा रहे हैं। पार्क प्रशासन ने लोगों से मादा शिशु का नाम सुझाए जाने का अनुरोध किया है।

फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक ने लोगों की दिलचस्पी बढ़ाने के लिए पहले से चयनित नाम बताने पर पुरस्कृत करने का भी वादा किया है।

13 से 14 साल की टेरेसा को वर्ष 2018 में कर्नाटक से दुधवा पार्क लाया गया था। टेरेसा का प्रशिक्षण भी यहीं कराया गया और वह पेट्रोलिग के दौरान गर्भवती हुई। प्रशासन को जब यह पता चला कि टेरेसा ने तीन फरवरी को अलसुबह 3.19 बजे दुधवा टाइगर रिजर्व के दक्षिणी सोनारीपुर रेंज अंतर्गत कैमहैया हाथी कैंप में एक मादा शिशु को जन्म दिया है तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। दोनों का स्वास्थ्य परीक्षण टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक डॉ. दया ने किया। उन्होंने पुष्टि की कि दोनों स्वस्थ हैं। रिजर्व प्रशासन ने लोगों से हाथी शिशु का नाम सुझाने का अनुरोध किया है। चयनित नाम सुझाने वाले को पुरस्कृत किया जाएगा। फील्ड डायरेक्टर का कहना है कि दुधवा में पेट्रोलिग के अलावा टेरेसा राइनो एरिया में भी गश्त करती है। उसके गर्भवती होने की सूचना के बाद कैंप में रखा गया था। तब से उसकी देखभाल हो रही है। उन्होंने बताया कि मादा शिशु का नाम सुझाने वाले व्यक्ति उप निदेशक के मोबाइल नंबर 7839435186 पर वाट्स एप कर सकते हैं।

बाघ ने गाय पर हमला कर मौत के घाट उतारा मैलानी वन क्षेत्र की भरगवां बीट के अंतर्गत बाघ ने गाय पर हमला कर घायल कर दिया, जिससे गाय की मौत हो गई।

जंगल के किनारे पड़ने वाले ग्राम मौठीखेड़ा में गुरुवार रात गांव के दक्षिण पश्चिम में बनी पशुशाला में बाघ ने ऋषिपाल यादव की बंधी गाय पर हमला कर मौत के घाट उतार दिया। पशुशाला के पड़ोस में रहने वाले वीर यादव ने गाय के पास कुछ आवाज सुनी तो उसने डंडा फटकाते हुए जोर से चिल्लाना शुरू किया। तब तक बाघ मौके से भाग गाय। बाघ के हमले से लोगों में काफी दहशत है। रेंजर केपी सिंह ने बताया जंगल से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर यह गांव है, जहां पर एक गाय गांव के बाहर बंधी हुई थी, जिस पर बाघ ने हमला कर मार दिया।

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