धंसने लगा साढ़े तीन करोड़ से बना बांध

लखीमपुर ऐतिहासिक गुरुद्वारा कौड़ियाला घाट के समीप जसनगर की तरफ दो वर्ष पूर्व साढ़े तीन

JagranMon, 20 Sep 2021 10:43 PM (IST)
धंसने लगा साढ़े तीन करोड़ से बना बांध

लखीमपुर : ऐतिहासिक गुरुद्वारा कौड़ियाला घाट के समीप जसनगर की तरफ दो वर्ष पूर्व साढ़े तीन करोड़ की लागत से बने बांध का एक कोना धंसने से हड़कंप मचा हुआ है। यह बांध कई गांवों को बाढ़ से बचाने के काम आता है हालांकि सिचाई विभाग के अधिकारी बांध को लांच होना बता रहे हैं।

ऐतिहासिक गुरुद्वारा कौड़ियाला घाट के समीप ग्राम जसनगर की तरफ दो वर्ष पूर्व खीरी सांसद व वर्तमान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के प्रयास से साढ़े तीन करोड़ की लागत से एक बांध का निर्माण हुआ था। बांध बनने से कई गांव को बाढ़ से राहत मिल गई थी। वर्तमान में इस बांध का एक कोना धसने लगा है। एक कोने में बनाया गया परक्यूनपाइन स्टेट व उसके नीचे बोरियों के बनाए गए स्टेट नदी में धंसने से बांध पर खतरा मंडराने लगा है। दैनिक जागरण संवादसूत्र ने कटान पीड़ितों की सूचना पर मौका मुआयना किया और देखा कि बांध का एक कोना काफी धस चुका है बल्कि तीन परक्यूनपाइन स्टेट भी पूरी तरह नदी में समा चुके हैं। उसके आसपास मोहाना नदी कटान भी कर रही है। हालांकि सिचाई विभाग के अधिकारी इसे लांच होना बता रहे हैं और बांध को किसी भी प्रकार से खतरा नहीं बता रहे हैं।

नदी की धारा दाएं तट पर परिवर्तित हो जाने के कारण आगे का परक्यूनपाइन स्टेट लांच हो गया है। उसमें कोई भी खतरा नहीं है। लगातार उसकी निगरानी की जा रही है।

सौरभ श्रीवास्तव, जेई सिचाई विभाग गन्ना सर्वे सट्टा मेले में 974 शिकायतें दर्ज यहां सहकारी गन्ना विकास समिति में आयोजित गन्ना सर्वे सट्टा मेले में किसानों की 974 शिकायतें दर्ज की गई जिसमें 568 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। 406 शिकायतों के निस्तारण के लिए मौके पर जांच टीम भेजी गई है। सचिव जीआर यादव ने बताया कि मेले में गन्ना किसानों की सर्वे सट्टा संबंधी शिकायतों का निस्तारण करने के लिए गन्ना विभाग के कर्मचारियों के साथ चीनी मिल स्टाफ को लगाया गया है। जो छूटे गन्ना सर्वे व सट्टे का मौके पर ही प्राप्त प्रार्थना पत्रों के आधार पर पूर्व में किए गए गन्ना सर्वे के अभिलेखों से मिलान कर उनका निस्तारण कर रहे हैं। सर्वे सट्टा मेला 26 सितंबर तक चलेगा। इस मेले में किसानों को चीनी मिलों को गन्ना आपूर्ति के लिए गन्ना घोषणा पत्र भी जमा करने के साथ मोबाइल नंबर भी संशोधित कराने की व्यवस्था की गई है। बगैर घोषणा पत्र जमा किए कोई भी किसान चीनी मिल को गन्ना सप्लाई नहीं कर सकेगा।

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