बालकों की मौत के मामले में तीन पर हत्या का मुकदमा

कुशीनगर के कप्तानगंज में डूब कर मरे बालकों के स्वजन की मांग पूरी होने के बाद भी दरवाजे पर शव रखकर बैठे हैं लोग एहतियात के तौर पर तैनात रही पांच थानों की फोर्स पोस्टमार्टम के बाद शवों के पहुंचते ही मचा कोहराम।

JagranWed, 28 Jul 2021 12:25 AM (IST)
बालकों की मौत के मामले में तीन पर हत्या का मुकदमा

कुशीनगर : कप्तानगंज कस्बे के एकलव्य नगर मोहल्ला निवासी दोनों बालकों का शव पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार शाम गांव पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने तथा आरोपितों पर हत्या का केस दर्ज करने की मांग को लेकर स्वजन मोहल्लेवासियों के साथ शव दरवाजे पर रखकर अंतिम संस्कार से मना कर दिए। रात सवा आठ बजे पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट स्वजन को सौंपी, साथ ही तीनों आरोपितों पर हत्या का केस दर्ज होने की एफआइआर की प्रति भी दी। इसके बाद माहौल तो शांत हो गया, लेकिन शव दरवाजे पर रखकर स्वजन व लोग जमे रहे। एहतियात के तौर पर पांच थानों की फोर्स मुस्तैद है।

वार्ड के शंभु निषाद का 12 वर्षीय पुत्र अंकुश पड़ोस के नौ वर्षीय रंजीत पुत्र नाथू साहनी संग सोमवार दोपहर तीन बजे मोहल्ले में ही खेलने निकले थे। शाम को लगभग साढ़े छह बजे मोहल्ले के लोगों ने एकलव्य प्रतिमा के समीप स्थित तालाब में दोनों का शव देखा। स्वजन मोहल्ले के ही तीन लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए आरोपितों के घर पर पथराव कर दिए। इसमें चौकी इंचार्ज वीरेंद्र सिंह सहित चार पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। केस दर्ज कर हत्यारोपितों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर रात में ही वार्ड की महिलाएं सड़क पर उतर आईं। थाने के सामने एनएच जाम कर दिया। देर रात पुलिस बल ने हल्का बल प्रयोग कर एनएच को खाली कराया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद महिलाएं वार्ड में ही सड़क पर पूरी रात व दूसरे दिन मंगलवार रात तक बैठीं रहीं। इधर पोस्टमार्टम के बाद करीब साढ़े पांच बजे शाम को शवों को घर लाया गया। पुलिस रिश्तेदार तथा वार्ड के लोगों की मदद से अंतिम संस्कार कराने की तैयारी में थी, लेकिन स्वजन व मोहल्ले के लोगों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग करते हुए अंतिम संस्कार से मना कर दिया। माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने यह मांग पूरी कर दी तो आरोपितों मितराज, बेलास गुप्ता, शहाबुद्दीन पर दर्ज हत्या के केस की कापी भी दी। इसके बाद भीड़ ने रात का हवाला देकर शवों का संस्कार करने से मना कर दिया। एसपी सचिद्र पटेल ने बताया कि उनकी मांग के अनुसार कार्रवाई कर दी गई है। गांव में शांति व्यवस्था कायम है।

अंकुश की मौत से बुझ गया घर का चिराग

अंकुश मां-बाप का इकलौता चिराग था। मां सुनीता बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद से रह-रह कर अचेत हो जा रहीं। पिता शंभु की स्थित पागलों सी है। दरवाजे पर आए लोगों से वे बार-बार यही पूछ रहे हैं कि उनके बेटे ने किसी का क्या बिगाड़ा था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत होने की पुष्टि

दोनों बालकों का पोस्टमार्टम करने वाली टीम के अनुसार बालकों की मौत डूबने से हुई थी। बालकों के शरीर पर कहीं कोई जख्म आदि के निशान नहीं पाए गए।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.