संतों के सानिध्य से मिलता है प्रभु का दर्शन: निर्भयानंद

संतों के सानिध्य से मिलता है प्रभु का दर्शन: निर्भयानंद
Publish Date:Fri, 30 Oct 2020 12:25 AM (IST) Author: Jagran

कुशीनगर: उपनगर स्थित सनातन विश्वदर्शन मंदिर अनसुइया आश्रम में परमहंसजी महाराज के प्राकट्योत्सव के अवसर पर गुरुवार को शासन की ओर से जारी कोविड 19 की गाइड लाइन के हिसाब से हवन, पूजन, आरती व भंडारा का आयोजन किया गया। इस दौरान साधु-संतों संग भक्तों ने भजन किया और भंडारा में प्रसाद ग्रहण किया। प्रसाद वितरण का कार्यक्रम देर शाम तक चलता रहा।

धारकुंडी (सतना) आश्रम से पधारे निर्भयानंद जी महराज ने भक्तों को आशीर्वचन के क्रम में कहा कि संतों के सानिध्य में रहने पर प्रभु का दर्शन संभव है। जप व तप का मार्ग कठिन है, लेकिन इसी के माध्यम से सब कुछ संभव भी हो सकता है। उन्होंने संत दर्शन के महत्व को बड़े ही मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया। मंदिर के प्रबंधक रंगनाथ बाबा ने श्रीराम नाम जप पर मिलने वाले फल का विस्तृत वर्णन करते हुए पूजा-पाठ की महत्ता बताई।

मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के उपाध्यक्ष यशवंत उर्फ अतुल सिंह ने कहा कि मेरी राजनीतिक शुरुआत संत के सानिध्य से हुई। गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के बताए मार्ग पर चल रहा हूं। संतों के सानिध्य में रहने का आनंद ही अलग होता हैं।

विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक मदन गोविद राव ने कहा कि आश्रम सनातन परंपरा का ध्वजवाहक हैं। हजारों वर्षों में तमाम आक्रांताओं ने इसे क्षीण करने का प्रयास किया, लेकिन परंपरा आज भी मजबूती से स्थापित है। संचालन आरएसएस के नगर कार्यवाह सत्यपाल गोविद राव ने किया।

भंडारा में गोंडा के सिद्धू बाबा, आरएसएस के विभाग प्रचारक अजय, जिला प्रचारक राजेश, प्रसिद्ध नारायण सिंह, पूर्व आईएफएस अधिकारी डा. दिलीप सिंह, राजेश्वर गोविद राव, पूर्व चेयरमैन महेंद्र प्रसाद गोंड़, प्रधानाचार्य जगतारण शरण, इंद्रजीत गुप्त, मुकुल प्रताप सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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