कुशीनगर में जांची गई वाईफाई कनेक्टिविटी, नहीं मिली गड़बड़ी

कुशीनगर में जांची गई वाईफाई कनेक्टिविटी, नहीं मिली गड़बड़ी

कुशीनगर में प्रमुख सचिव के निर्देश पर देखी गयी कार्यों की गुणवत्ता डीजी पर्यटन को सौंपी गयी थी गड़बड़ी की रिपोर्ट।

Publish Date:Fri, 04 Dec 2020 11:47 PM (IST) Author: Jagran

कुशीनगर: भारत सरकार के स्वदेश दर्शन योजना के तहत अंतरराष्ट्रीय पर्यटक केंद्र कुशीनगर में पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा कारणों से लगाए गए वाईफाई कनेक्टिविटी की जांच शुक्रवार को पर्यटक सूचना अधिकारी व कंट्रोल रूम आपरेटर की टीम ने की। इसमें कनेक्टिविटी सही मिली।

स्वदेश दर्शन योजना के तहत कुशीनगर में वाईफाई सहित सीसीटीवी कैमरा, वेस्ट मैनेजमेंट, सोलर लैंप, पार्किंग, रोड कनेक्टिविटी, प्रसाधन आदि कार्य हुए थे। राज्य निर्माण निगम से स्थापित वाईफाई सितंबर 2019 में उप्र राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड को हस्तांतरित हुआ था। अगस्त 2020 को क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी गोरखपुर के निर्देश पर प्रशासन, कार्यदायी संस्था, नगरपालिका परिषद, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण कुशीनगर के प्रतिनिधियों ने समस्त कार्यों की जांच की थी। इसमें वाईफाई कनेक्टिविटी सहीं नहीं पायी गयी थी। इसकी रिपोर्ट डीजी पर्यटन रवि कुमार एनजी को भेजी गयी थी। अक्टूबर 2020 में पर्यटन के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने कार्यों की गुणवत्ता की जांच का आदेश डीएम कुशीनगर भूपेंद्र एस चौधरी को दिया था।

डीएम के निर्देश पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कसया पूर्ण बोरा की जांच में भी कनेक्टिविटी सहीं नहीं मिली। उन्होंने कार्यदायी संस्था को सुचारू संचालन का निर्देश दिया था। बीएसएनएल की आप्टिकल फाइबर केबल कट जाने के कारण पिछले माह नवंबर में सभी प्वाइंटस ठीक कराए गए। पर्यटक सूचना अधिकारी राजेश कुमार भारती ने बताया कि महापरिनिर्वाण बुद्ध मंदिर परिसर में लगे वाई-फाई के 13, पार्किंग के पांच और रामाभार स्तूप के दो समेत सभी 20 प्वाइंट सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं। पर्यटक सूचना अधिकारी भारती, कंट्रोल रूम आपरेटर अमन राय, संगम पांडेय आदि उपस्थित रहे। किसानों को नहीं मिल रहा गन्ना पर्ची का मैसेज

वर्तमान सीजन की गन्ने की पेराई शुरू हो गई है और किसानों को पर्ची आने का मैसेज (एसएमएस) नहीं मिल रहा है।

सहकारी गन्ना समिति बोदरवार परिक्षेत्र के किसानों का गन्ना पिछले वर्ष से ही पिपराइच चीनी मिल को आवंटित किया जा रहा है। सर्वे भी मिल ने ही करवाया, जिसमें गलत रिपोर्ट पेड़ी गन्ने को पौधा दर्शा दिया गया। इसके कारण किसानों को पर्ची जारी होने का मैसेज नहीं मिल पा रहा है।

किसान आनन्द मणि त्रिपाठी, हरिकेश तिवारी, आद्या सिंह, गोरख सिंह, द्विजेश मणि का कहना है कि अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं हो पा रहा है। जिला गन्ना अधिकारी वेदप्रकाश सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में है,जांच कर सुधार कराया जाएगा।

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