दो दिन बाद अपने गांव जाने वाला था दीपक

कुशीनगर: संदिग्ध हाल में मृत मिले दीपक प्रजापति 22 के परिजन आत्महत्या की बात को सिरे से खारिज कर रहे। पिता बृजानंद दो टूक कह रहे कि तीन भाइयों में सबसे बड़ा व परिवार की जिम्मेदारी निभाने वाला उनका बहादुर बेटा आत्महत्या नहीं कर सकता। मुश्किल परिस्थितियों में भी वह कभी निराश नहीं हुआ, अब तो सबकुछ ठीक चल रहा था और उसकी शादी की बात भी चल रही थी।

उन्होंने बताया कि शनिवार रात करीब सात बजे उसने अपनी मां को फोन कर हालचाल पूछा और दो दिनों बाद ही घर आने की बात कही। उसके पास दो मोबाइल था। मोबाइल कहां और किसके पास है, यह न तो पुलिस बता रही और न ही वहां काम करने वाले मजदूर। कुछ ही दिन हुए थे जब कुछ रिश्तेदार उसका रिश्ता लेकर आए थे। लड़की, परिवार सबकुछ पसंद था। दीपक ने भी अपनी रजामंदी दे दी थी। कहा कि दीपक की गला कस हत्या कह गई है। हत्यारों ने शव को फंदे से लटका इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की है।

सोमवार को दीपक के शव का पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सांस का रूकना बताया गया है। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।

दीपक प्रजापति के पिता बृजानंद ने बेटे की हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए फाजिलनगर पुलिस चौकी पर तहरीर दी। लेकिन चौकी इंचार्ज ने तहरीर लेने से इंकार कर दिया। पुलिस के इस व्यवहार से बड़े बेटे की मौत की खबर सुन टूट चुके बुजुर्ग पिता की तकलीफ और भी बढ़ गई।

फाजिलनगर कस्बे के पासी टोला में निर्माणाधीन गोदाम के चौकीदार का शव रविवार को फंदे से लटका मिला था। चौकीदार की पहचान दीपक प्रजापति 22 वर्ष निवासी सुभीखर थाना खुखुंदू जिला देवरिया के रूप में हुई। दीपक का गला बिजली के तार से कसा मिला था।

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