महागौरी की पूजा कर भक्तों ने की विश्व कल्याण की कामना

महागौरी की पूजा कर भक्तों ने की विश्व कल्याण की कामना

वासंतिक नवरात्र के आठवें दिन मां दुर्गा की आठवीं शक्ति महागौरी की आराधना की गई अन्नपूर्णा एश्वर्य प्रदायिनी व चैतन्यमयी है मां का स्वरूप।

JagranWed, 21 Apr 2021 01:23 AM (IST)

कुशीनगर : नवरात्र के आठवें दिन मंगलवार को मां महागौरी की पूजा की गई। सुबह से ही देवी मंदिरों में श्रद्धालु पहुंचने लगे। लोगों ने कोरोना से निजात तथा विश्व कल्याण की कामना की।

नगर के बुढि़या माई मंदिर, गायत्री मंदिर, शायरी माई स्थान, खिरकिया देवी स्थान पर श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन किया। खड्डा स्थित कोट देवी स्थान, नर देवी मंदिर में भी पूजन-अर्चन का क्रम प्रात: काल से ही लगा रहा। पुजारी सुरेंद्र मिश्र, सच्चिदानंद शुक्ल, नत्थू पांडेय आदि ने बताया कि मां महागौरी अपने भक्तों की मनोकामना जरूर पूर्ण करती हैं। मंदिर आए श्रद्धालुओं से कोविड नियमों का पालन अनिवार्य रूप से कराया जा रहा है। मां महागौरी को मां दुर्गा की आठवीं शक्ति कहा जाता है। महागौरी ही शक्ति मानी गईं हैं। पुराणों के अनुसार इनके तेज से संपूर्ण विश्व प्रकाशमान है। दुर्गा सप्तशती के अनुसार शुंभ, निशुंभ से पराजित होने के बाद देवताओं ने गंगा नदी के तट पर देवी महागौरी से ही अपनी सुरक्षा की प्रार्थना की थी। मां की आराधना करने से शारीरिक क्षमता का विकास होने के साथ मानसिक शांति भी बढ़ती है। मां के इस स्वरूप को अन्नपूर्णा, एश्वर्य प्रदायिनी, चैतन्यमयी भी कहा जाता है।

प्रसिद्ध खन्हवार माई मंदिर में सुबह से देर रात तक श्रद्धालु पूजन-अर्चन करते रहे। अष्टमी तिथि पर मां के दरबार में दर्शन व पूजन-अर्चन करने दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचे। चार बजे भोर में मंदिर का कपाट खुला। रामकोला स्थित धर्म समधा भगवती, मैनपुर कोट, कुलकुला देवी, चेड़ा माई मंदिर, काली मंदिर, काली मां स्थान पर भी भक्तों ने महागौरी की पूजा की।

कोरोना के चलते रामनवमी मेले पर लगी रोक

कोविड-19 के संक्रमण पर रोकथाम के लिए ज्वाइंट मजिस्टेट पूर्ण बोरा ने तहसील क्षेत्र के विभिन्न जगहों पर लगने वाले रामनवमी मेले पर रोक लगा दी है। मैनपुर, कुलकुला स्थान, रामाभार आदि देवी स्थानों पर इस बार मेला नहीं लगेगा। प्रशासन की ओर से निजी लैब में कोविड जांच का शुल्क भी निर्धारित कर दी गई है।

मंगलवार को पत्रकार वार्ता में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि लैब में जाकर नमूना देने पर सात सौ व घर पर सैंपल देने पर नौ सौ रुपये देने होंगे। उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने पर की गई जांच में कसया के निजी लैब कृष्णा डायग्नोसिस में आरटीपीसीआर के लिए मरीजों से दो-दो हजार रुपये लिए जाने की पुष्टि हुई है। उसके बाद शुल्क निर्धारित कराकर आमजन को अवगत कराया जा रहा है। इसके बाद शिकायत मिली तो संबंधित लैब संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कहा कि कोविड के संक्रमण के प्रसार में जमावड़ा घातक साबित होगा। इस लिए सभी तरह के मेलों पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। उन्होंने अपील की कि जागरूकता, बचाव के उपायों, टीकाकरण, मास्क लगाना, सैनिटाइजेशन, स्वच्छता, शारीरिक दूरी के अनुपालन से ही संक्रमण पर रोक लग सकती है। मास्क न लगाने वालों पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। जानबूझकर संक्रमण फैलाने और व्यवस्था में असहयोग करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.