गुरु की प्रेरणा आई काम, बंधन से हासिल की आजादी

गुरु की प्रेरणा आई काम, बंधन से हासिल की आजादी

देश के नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार मिला है। इसकी जानकारी न होने से लोगों को इंसाफ नहीं मिला पा रहा है। समाज में अभिव्यक्ति जागृत करने के लिए कौशांबी बीआरसी के प्राथमिक विद्यालय रजईपुर के प्रधानाध्यापक राजेंद्र कुमार ने स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को संवैधानिक मूल्यों लोकतांत्रिक दृष्टिकोण तथा देशभक्ति के लिए साप्ताहिक दिवस शनिवार को बालसभा में किताबों के ज्ञान को अलग तरीके से बताते थे। गुरु की प्रेरणा से ही दो छात्राओं ने पिता की बंदिशों से छुटकारा पाया।

Publish Date:Sun, 09 Aug 2020 10:29 PM (IST) Author: Jagran

वीरेंद्र केसरवानी, टेढ़ीमोड़ : देश के नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार मिला है। इसकी जानकारी न होने से लोगों को इंसाफ नहीं मिला पा रहा है। समाज में अभिव्यक्ति जागृत करने के लिए कौशांबी बीआरसी के प्राथमिक विद्यालय रजईपुर के प्रधानाध्यापक राजेंद्र कुमार ने स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को संवैधानिक मूल्यों, लोकतांत्रिक दृष्टिकोण तथा देशभक्ति के लिए साप्ताहिक दिवस शनिवार को बालसभा में किताबों के ज्ञान को अलग तरीके से बताते थे। गुरु की प्रेरणा से ही दो छात्राओं ने पिता की बंदिशों से छुटकारा पाया।

गांव की दो बहनें रुखसाना और रेहाना पढ़कर कुछ बनाना चाहती थीं, पिता सोहराब की बंदिशों के चलते पढ़ाई के लिए स्कूल नहीं जा पा रही थीं। बेटियों ने स्कूल जाने की जिद की तो पिता ने उन्हें घर में बेड़ियों में जकड़ दिया। शुरुआत में कुछ दिनों किसी तरह स्कूल गई बहनों को अपने गुरु की बताई बातें याद आई तो उन्होंने पिता के विरुद्ध आवाज उठाने की ठान ली। अपने ऊपर हो रहे जुल्म को मीडिया के माध्यम से जिला स्तर के अधिकारियों तक पहुंचाई, जिसे बाल संरक्षण न्यायालय के सदस्य रेहान अहमद ने सात नवंबर 2017 को संज्ञान में लेकर बाल संरक्षण अध्यक्ष रोहित यादव के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों को बेड़ी में पाया। सूचना पर कौशांबी थाना की पुलिस ने बेटियों को पिता के चंगुल से मुक्त कराया। पुलिस ने पिता पर कानूनी कार्रवाई की। बच्चियों के अंदर पढ़ने की लालसा देखते हुए उन्हें कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मंझनपुर में रेहाना का कक्षा छह व रुखसाना का कक्षा सात में दाखिला कराया गया। जहां अभी वह शिक्षण प्राप्त कर रही हैं। रेहान अहमद ने बताया कि पिता उनकी मां को तलाक देकर दूसरी शादी की थी। सौतेली मां के कहने पर पिता घर का काम करवाते थे और दूसरी पत्नी के बच्चों को स्कूल भेजते थे।

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