पर्यावरण को संरक्षित कर रहे ग्रामीण

पर्यावरण को संरक्षित कर रहे ग्रामीण

टेढ़ीमोड़ एक आदमी को प्रतिदिन जितना आक्सीजन चाहिए उतने से तीन सिलिडर भरे जा सकते हैं।

JagranSun, 09 May 2021 10:06 PM (IST)

टेढ़ीमोड़ : एक आदमी को प्रतिदिन जितना आक्सीजन चाहिए उतने से तीन सिलिडर भरे जा सकते हैं। इस प्रकार यदि एक सिलिडर की कीमत सात सौ रुपये मानी जाए तो एक आदमी प्रतिदिन लगभग 2100 रुपये और वर्ष भर में 766500 रुपये का और पूरी औसत उम्र में लगभग पांच करोड़ रुपये का ऑक्सीजन इस्तेमाल करता है जो ये पेड़ पौधे हमें मुफ्त उपलब्ध कराते हैं। हमारे जीवन की सबसे आवश्यक प्राणवायु हमें इन वृक्षों के कारण ही प्राप्त होती है। कोरोना महामारी के दौरान हर कोई ऑक्सीजन की कमी को महसूस कर रहा है। कई लोगों की जान उन्हें सही वक्त पर ऑक्सीजन नहीं मिलने से जा रही है। इन सारी घटनाओं को देखते हुए लोग अब पौधे लगाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। यदि पर्याप्त मात्रा में पेड़ पौधे लगाए जाएं तो स्थितियां इस तरह से खराब नहीं होंगी। लोग पहले भी पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधे लगा रहे थे, अब जब लोगों को पौधों की अहमियत और उनसे मिलने वाली ऑक्सीजन का महत्व समझ में आ रहा है, तब लोग और अधिक मात्रा में पौधों का रोपण करने का संकल्प भी ले रहे हैं। सिर्फ इन्हें लगाना ही नहीं, बल्कि इनकी देखरेख करना भी जिम्मेदारी है। इसी जिम्मेदारी को स्वीकारते हुए शिक्षक दीपनारायण मिश्र अपनी नियुक्ति के बाद से ही पौधारोपण एवं उनकी देखभाल कर अपना योगदान करते आ रहे हैं। लेकिन अब इन्हें समुदाय का भी सहयोग मिलने से इनकी मेहनत सार्थक एवं सफल हो रही है। वर्तमान में शिक्षक दीपनारायण मिश्र सिराथू विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय रामपुर धमावां में सहायक अध्यापक पद पर तैनात हैं। इन्होंने इस विद्यालय में बच्चों के सहयोग से कई सारे पौधरोपित किए हुए हैं, जिसकी देखभाल के लिए भी बच्चों को जिम्मेदारी बांटी हुई थी, लेकिन जबसे लाकडाउन लगा और विद्यालय बंद हो गए तो स्वयं ही समय-समय पर देखभाल व सिचाई के लिए विद्यालय आते रहते हैं, लेकिन चुनाव प्रक्रिया में व्यस्तता व उसके बाद अस्वस्थता की वजह से मतगणना के बाद जब एक हफ्ते तक विद्यालय नहीं पहुंचे तो विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य पंचमलाल के परिवार ने इस कठिन काल में पौधों की देखभाल जिम्मा स्वयं संभाल लिया। रविवार शाम को एक हफ्ते बाद पेड़ों की सिचाई के लिए शिक्षक दीपनारायण मिश्र जब विद्यालय पहुंचे तो पंचमलाल के बेटे अमित कुमार को पेड़ों की सिचाई करते हुए देख उन्हें जो संतुष्टि एवं खुशी की अनुभूति हुई, उसे वह व्यक्त कर पाने में असमर्थ थे, क्योंकि उन्होंने इस कार्य के लिए मोबाइल से संपर्क भी नहीं किया था। चुनाव पश्चात विद्यालय की चाभी पंचमलाल के पास होने की वजह से ये पहल स्वयं ही उनके द्वारा की गई थी। शिक्षक दीपनारायण मिश्र ने बताया कि उन्होंने इस मानसून सत्र में और भी ज्यादा वृक्षारोपण कर विद्यालय परिसर हरा भरा एवं आकर्षक बनाने का संकल्प अभी से ही ले लिया है।

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