सरायअकिल में जाम की समस्या सिरदर्द, लोग परेशान

सरायअकिल में जाम की समस्या सिरदर्द, लोग परेशान

सरायअकिल बाजार में इन दिनों सड़क पटरी पर रेहड़ी वालों ने अतिक्रमण कर लिया है। सहालग के कारण बाजार में भीड़ हो रही है। आए दिन जाम लगा रहा है। लोग इसमें फंसकर परेशान हो रहे हैं। सोमवार को ज्यादा शादियां होने के कारण दिन भर वाहन रेंगते रहे। लोग सुबह से लेकर शाम तक परेशान रहे। पटरियों पर लगातार बढ़ता अतिक्रमण अब सिरदर्द बनता जा रहा है। पुलिस-प्रशासन के अधिकारी लोगों की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सोमवार को दोपहर में डेढ़ घंटे तक बाजार में जाम की समस्या से लोग परेशान रहे।

Publish Date:Mon, 30 Nov 2020 09:56 PM (IST) Author: Jagran

पुरखास : सरायअकिल बाजार में इन दिनों सड़क पटरी पर रेहड़ी वालों ने अतिक्रमण कर लिया है। सहालग के कारण बाजार में भीड़ हो रही है। आए दिन जाम लगा रहा है। लोग इसमें फंसकर परेशान हो रहे हैं। सोमवार को ज्यादा शादियां होने के कारण दिन भर वाहन रेंगते रहे। लोग सुबह से लेकर शाम तक परेशान रहे। पटरियों पर लगातार बढ़ता अतिक्रमण अब सिरदर्द बनता जा रहा है। पुलिस-प्रशासन के अधिकारी लोगों की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सोमवार को दोपहर में डेढ़ घंटे तक बाजार में जाम की समस्या से लोग परेशान रहे।

जनपद कौशांबी का सबसे बड़ा और प्रमुख बाजार सरायअकिल है। यहां किराना, बर्तन, कपड़े, सर्राफा से लेकर अन्य जरूरी सामानों की बड़ी-बड़ी दुकानें हैं। यही कारण है कि यहां आसपास गांवों के अलावा यमुनापार के चित्रकूट जिले के मऊ, बरियारी, मनकुवार, टिकरा, पताई व प्रयागराज जिले के लालापुर, शंकरगढ़, शिवराजपुर, अमिलिया आदि स्थानों के लोग खरीदारी करने आते हैं। इन दिनों सहालग का सीजन होने के चलते बाजार में भीड़ कुछ ज्यादा उमड़ रही है। सड़क की पटरियों पर रेहड़ी वाले दुकानदारों ने पूरी तरह से अतिक्रमण कर रखा है। वहीं दुकानों से खरीदारी करने वाले ग्राहक भी अपने-अपने वाहनों को भी सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़ा कर देते हैं। इसी के चलते प्रतिदिन सुबह से लेकर शाम तक पूरी बाजार में जाम लगा रहता है। इससे कोविड-19 के दो गज की दूरी का पालन भी नहीं हो रहा है। फकीराबाद से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित चावल मंडी पुरानी बाजार पहुंचने के लिए लोगों को घंटों समय लग जाता है। बाजार के बीच में ही रोडवेज बस स्टैंड और पुलिस थाना हैं। यदि जाम के बीच बस आ गई तो समस्या और भी गंभीर हो जाती है। कभी कभी तो थाना पुलिस की गाड़ी को भी जाम में फंसकर रेंगना पड़ता है। बाजार के चंद्रशेखर पार्क से गुड़मंडी, रामलीला मैदान तक पहुंचने में भी एक से डेढ़ घंटे का समय जाम में फंसकर व्यतीत करना पड़ता है। कई घंटों तक जाम लगने की समस्या गंभीर होने पर स्थानीय पुलिस के पहुंचने पर घंटों मेहनत के बाद जाम समाप्त होता है, लेकिन कुछ ही देर बाद दोबारा जाम लगना शुरू हो जाता है। स्थानीय व्यापारी अंकित जैन, आशीष अग्रहरि, उदय केसरवानी, श्याम रस्तोगी, पवन जायसवाल आदि का कहना है कि बीच बाजार में उनकी दुकान होने के चलते जाम के झाम में लोग फंसना नहीं चाहते और बाजार की बाहरी दुकानों से खरीदारी कर वापस लौट जाते हैं। इससे उनका व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।

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