शिक्षक दंपती ने कन्या भोज कर वितरित किए स्वेटर

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JagranSat, 04 Dec 2021 07:44 PM (IST)
शिक्षक दंपती ने कन्या भोज कर वितरित किए स्वेटर

शिक्षक दंपती ने कन्या भोज कर वितरित किए स्वेटर

फोटो- 22 व 23

- 1111 कन्याओं को कराया भोज, 1001 गरीब बच्चों को बांटा स्वेटर

- 101 असहाय लोगों को दिया ठंड से बचने को कंबल

संसू, टेढ़ीमोड़ : मानव के जीवन में मां का स्थान सर्वोपरि है। जिस प्रकार मां बेटे की हर इच्छा को पूर्ण करती है तो ऐसे में बेटे का फर्ज बन जाता है कि वह अपनी मां की इच्छाओं को आदर जीवन पर्यंत व उसके बाद भी करता रहे। हर धर्म में दान का खास महत्व माना गया है। दान देने से जहां मोह से मुक्ति मिलती है, वहीं जीवन के दोष भी दूर होते हैं। अन्नदान, वस्त्रदान, विद्यादान, अभयदान और धनदान, ये सारे दान इंसान को पुण्य का भागी बनाते हैं।

श्रीराम चरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास ने कहा है कि परहित के समान कोई धर्म नहीं है और दूसरों को कष्ट देने के समान कोई पाप नहीं है। अन्न दान व वस्त्र दान के इसी क्रम में सिराथू तहसील के सौरई बुजुर्ग निवासी समाजसेवी अजय कुमार साहू व उनकी धर्मपत्नी राठौर शशि देवी जो एक शिक्षक भी हैं उन्होंने अपनी माता स्व.जानकी देवी की चौथी पुण्यतिथि के अवसर पर एक हजार एक सौ ग्यारह कन्याओं को भोजन के साथ गरीबों को एक सौ एक कंबल व एक हजार गरीब बच्चों को स्वेटर वितरित किया।

कार्यक्रम के दौरान अजय कुमार साहू ने बताया कि उनकी माता ने सदैव गरीबों की मदद की है। उनकी उसी इच्छा को पूर्ण कर रहे हैं। कहा कि गरीबों व असहायों की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म है। एक इंसान तभी अच्छा हो सकता है जब वह समाज की सेवा करे और लोगों के लिए भलाई का कार्य करे। अन्नदान एवं वस्त्रदान सबसे बड़ा दान है। हमारा परिवार हमेशा से मिल-जुलकर समाज की जो सेवा कर रहा है, यह प्रेरणा हमारे बाबू गौरी शंकर साहू से मिली है। इस दौरान हजारों की संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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