पर्यावरण की स्वच्छता को मनाएं इको फ्रेंडली दीपावली, चाइनीज सामानों की जगह स्वदेशी सामानों के प्रयोग का लें संकल्प

प्रकाश का पर्व दीपावली चार नवंबर को है। यह पर्व हर साल कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन हर्षोल्लास के साथ पूरे भारत में मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि दीपों को जलाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जाती है साथ ही घरों में कतारबद्ध तरीके से दीप जलाए जाते हैं और मिठाइयां बांटी जाती है जबकि ़खुशी में लोग आतिशबाजी भी करते हैं।

JagranThu, 21 Oct 2021 11:47 PM (IST)
पर्यावरण की स्वच्छता को मनाएं इको फ्रेंडली दीपावली, चाइनीज सामानों की जगह स्वदेशी सामानों के प्रयोग का लें संकल्प

कौशांबी। प्रकाश का पर्व दीपावली चार नवंबर को है। यह पर्व हर साल कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की अमावस्या के दिन हर्षोल्लास के साथ पूरे भारत में मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि दीपों को जलाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा अर्चना की जाती है साथ ही घरों में कतारबद्ध तरीके से दीप जलाए जाते हैं और मिठाइयां बांटी जाती है जबकि ़खुशी में लोग आतिशबाजी भी करते हैं। देशभर में दीपावली बड़ी ही धूमधाम से मनाई जाती है। इसके लिए लोग पहले से तैयारियां करते हैं और पटाखों की जमकर खरीददारी करते हैं। हालांकि पिछले एक वर्ष से कोरोना वायरस महामारी और वायु प्रदूषण से लोगों के सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ा है। इसके लिए जरूरी है कि इस दीपावली को पर्यावरण संरक्षण पर जरूर ध्यान दें और ईको-फ्रेंडली दीपावली मनाने का संकल्प लें। इससे न केवल पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाया जा सकता है, बल्कि लोगों को बीमार होने से भी बचा सकते हैं। बाजार में ईको-फ्रेंडली दीपावली से संबंधित सभी ची•ों उपलब्ध हैं चाहे वो मिट्टी की बनी दिवलिया हों या इको फ्रेंडली पटाखे। दीपावली वैसे तो दीपों का ही त्यौहार तो क्यों न इस दीपावली मिट्टी के दीप ही जलाने का संकल्प लेकर इको फ्रेंडली दीपावली मनाएं और चाइनीज आइटम का प्रयोग न करें। आइए कुछ लोगों के विचार से समझे कि हम कैसे ईको-फ्रेंडली दीपावाली मना सकते हैं। दीपावली के दिन पटाखों की आतिशबाजी से हवा की गुणवत्ता बेहद ़खराब हो जाती है। इससे वातावरण दूषित होता है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। इसके लिए आप ईको-फ्रेंडली पटाखे प्रयोग करें। बाजार में आपको सस्ते और आसानी से ईको-फ्रेंडली पटाखें मिल जाएंगे।

सुमन कुशवाहा दीपावली के दिन उपहार यानी गिफ्ट देने का रिवाज है। अगर आप भी अपनों को गिफ्ट देना चाहते हैं, तो आप गिफ्ट में आर्गनिक चीजें दें। आप चाहे तो एक दूसरे को फूल अथवा फल के पौधे गिफ्ट में दे सकते हैं।

दीपनारायण मिश्र

आधुनिक समय में मोमबत्ती का प्रचलन बढ़ गया है। जबकि दीपावली दीपों का त्योहार है। यह पृथ्वी और पर्यावरण दोनों के लिए अनुकूल होता है। इसके लिए दिवाली पर मोमबत्ती के बदले मिट्टी से निर्मित दीप जलाएं। आप एलईडी बल्ब का भी सहारा ले सकते हैं।

रामू सिंह बाजार में मिलने वाले रंगों में हानिकारक रासायनिक पदार्थ मिले होते हैं, जो पर्यावरण के लिए अनुकूल नहीं है। इसके बदले में आप प्राकृतिक रंगों से रंगोली बनाएं। इसके लिए आप फूल और पत्तियों का सहारा ले सकते हैं। आप चाहे तो गेंहू और चावल के आटे से भी रंगोली बना सकते हैं।

शालिनी सिंह

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