इंसाफ के लिए थाने का चक्कर काट रहा भाई, सगे भाई की पीटकर की गई थी हत्या

पिपरी थाना क्षेत्र के चायल कस्बा स्थित वार्ड नंबर नौ निवासी राम प्रकाश के साथ तीन सितंबर को मोहल्ले के ही पांच लोगों ने मारपीट की थी। लाठी डंडे से पीटकर कर उसे घायल कर दिया था। मरणासन्न अवस्था में स्वजनों को वह पड़ा मिला था। आनन-फानन में उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां चार सितंबर की सुबह इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। शव लेकर वापस लौट स्वजनों ने तीन नामजद समेत छह लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दिया। आरोप है कि केस दर्ज होने के बावजूद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई। रविवार को मृतक के भाई रमा शंकर ने पुलिस के उचाधिकारियों समेत सांसद से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।

JagranSun, 26 Sep 2021 11:42 PM (IST)
इंसाफ के लिए थाने का चक्कर काट रहा भाई, सगे भाई की पीटकर की गई थी हत्या

कौशांबी। पिपरी थाना क्षेत्र के चायल कस्बा स्थित वार्ड नंबर नौ निवासी राम प्रकाश के साथ तीन सितंबर को मोहल्ले के ही पांच लोगों ने मारपीट की थी। लाठी डंडे से पीटकर कर उसे घायल कर दिया था। मरणासन्न अवस्था में स्वजनों को वह पड़ा मिला था। आनन-फानन में उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां चार सितंबर की सुबह इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। शव लेकर वापस लौट स्वजनों ने तीन नामजद समेत छह लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दिया। आरोप है कि केस दर्ज होने के बावजूद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई। रविवार को मृतक के भाई रमा शंकर ने पुलिस के उच्चाधिकारियों समेत सांसद से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।

चायल कस्बा निवासी राम बक्स ज्वेलर्स का कारोबार करते हैं। उनके दो बेटे राम प्रकाश और रमा शंकर पिता के कार्यों में हाथ बंटाते थे। स्वजनों के मुताबिक 30 वर्षीय राम प्रकाश मंदबुद्धि था। नासमझ होने के चलते वह किसी को भी भला बुरा कहने में हिचकाता नहीं था। इसी बात को लेकर तीन सितंबर की शाम करीब साढ़े सात बजे कस्बे के ही राम लाल पुत्र राम विशाल से राम प्रकाश का झगड़ा हो गया। जिसमें रामलाल अपने बेटे मनीष, अरुण समेत तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर राम प्रकाश की लाठी डंडे से जमकर पिटाई कर दी। जिसमें वह मरणासन्न हो गया। जानकारी होने पर भाग कर घटनास्थल पहुंचे स्वजनों ने उसे नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर उसकी हालत गंभीर होने पर डाक्टरों ने प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया। वहां राम प्रकाश का इलाज चल रहा था। चार सितंबर की सुबह इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई। शव लेकर वापस लौट स्वजनों ने पुलिस को तहरीर दिया। आरोप है कि छह दिनों तक पुलिस पीड़ित स्वजनों को टहलाती रही। उसके बाद 10 सितंबर को राम लाल, मनीष, अरुण व तीन अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। पीड़ित स्वजनों का आरोप है कि पुलिस ने पीटकर हत्या किए जाने के मामले में संतोष जनक कार्रवाई नहीं किया है। अब तक एक भी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। विपक्षी पर सुलह समझौते का दबाव बनाने का भी आरोप लगाते हुए मृतक के भाई रमा शंकर ने पुलिस के उच्चाधिकारियों समेत सांसद विनोद सोनकर को पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।

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