64 में छह लाभार्थियों को शाखा प्रबंधकों ने दिया है ऋण

जासं, कौशांबी : हर जिले की अपनी अलग पहचान है। प्रदेश सरकार ने जनपद को विकसित करने के लिए वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना लांच की है। जनपद में बड़े पैमाने पर उत्पादित फल केला को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट में शामिल किया गया। योजना के तहत केला से अन्य उत्पाद बनाने के लिए किसानों और उद्यमियों को मजबूत बनना है, लेकिन शाखा प्रबंधकों की उदासीनता से ये योजना जिले में फ्लाप हो रही है, जिसका खामियाजा बेरोजगारों को भुगतना पड़ रहा है।

जिला प्रशासन व जिला उद्योग विभाग की ओर से बेरोजगारों को उद्यमियों का चयन की बैंक शाखाओं में ऋण के लिए पत्रावलियां भी भेजी, लेकिन अधिकतर पत्रावलियों को वापस कर दिया। जिला उद्योग अधिकारी ने बताया कि 162 लोगों ने आवेदन किया था। साक्षात्कार के बाद 64 पत्रावियां बैंक शाखा भेजी गई। इसमें शाखा प्रबंधकों ने छह लाभार्थियों को ऋण दिया गया है। शेष लाभार्थियों को बैंक शाखाओं से ऋण नहीं मिला। इसकी वजह से वह उद्योग नहीं स्थापित कर सके। इसी प्रकार इस वित्तीय वर्ष में आवेदकों का साक्षात्कार लेने के बाद जिला उद्योग विभाग ने बैंक शाखाओं में 69 पत्रावली भेजी है। अब तक एक भी व्यक्ति को ऋण नहीं मिला। इसकी वजह से वह स्वरोजगार से नहीं जुड़ पा रहे हैं। इसकी शिकायत आवेदक लाभार्थियों से करते है, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा है। बैंक से लोन देने के लिए पड़ताल की जाती है कि जिसे लोन देना है, वह भरपाई कर पाएगा या नहीं? जिला उद्योग कार्यालय से जो भी पत्रावलियां बैंक शाखाओं में भेजी गई हैं। जांच के बाद जो पात्र होंगे तो उन्हें लोन दिया जाएगा।

- एके कटियार, लीड बैंक अधिकारी, कौशांबी।

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