ट्रामा सेंटरों की लूट में एंबुलेंस चालक भी शामिल

कासगंज संवाद सहयोगी जिले में बिना पंजीकृत चल रहे ट्रामा सेंटरों की लूट में एंबुलेंस चालक भी शामिल हैं।

JagranFri, 23 Jul 2021 05:51 AM (IST)
ट्रामा सेंटरों की लूट में एंबुलेंस चालक भी शामिल

कासगंज, संवाद सहयोगी : जिले में बिना पंजीकृत चल रहे ट्रामा सेंटरों की लूट में एंबुलेंस चालक भी शामिल हैं। लैब संचालक और दवा विक्रेताओं से भी सांठगांठ रहती हैं। कमीशन के इस खेल में तीमादारों को लूटा जा रहा है। एक्सपर्ट कमेटी का एप्रूवल तो दूर मानक और पंजीकरण भी नहीं है।

जिले में बिना पंजीकरण चल रहे ट्रामा सेंटरों की लूट में एंबुलेंस चालक भी शामिल हैं। सड़क हादसे एवं गंभीर मरीजों को जब यह मौके से लाते हैं तो तीमारदारों को अच्छी स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में बताकर इन ट्रामा सेंटरों पर ले जाते हैं। यहां इनका ट्रामा सेंटर संचालकों से कमीशन तय रहता है। मेडिकल स्टोर एवं लैब संचालक भी इस लूट में हिस्सेदार होते हैं। निश्चित मेडिकल स्टोर से दवा एवं लैब से जांच कराई जाती है। इन सभी के बीच कमीशन का गठबंधन रहता है। लैब और दवा विक्रेता ट्रामा सेंटर संचालकों को कमीशन देते हैं तो ट्रामा सेंटर संचालक एंबुलेंस चालकों को मोटा कमीशन देते हैं। सभी की भागीदारी से रोगी और तीमारदारों की लूट हो रही है। सीएमओ डा. अनिल कुमार के अनुसार की जिले में एक भी पंजीकृत ट्रामा सेंटर नहीं है। ट्राम सेंटरों का बोर्ड लगाए इन अस्पतालों पर न तो संसाधन हैं और न ही प्रशिक्षित चिकित्सक। आन काल बुलाए जाते हैं विशेषज्ञ

ट्रामा सेंटरों पर विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं हैं। इनके संचालकों ने अलीगढ़ के विशेषज्ञ चिकित्सकों से अनुबंध कर रखा है। इन्हें आन काल बुलाया जाता है। अलीगढ़ से कासगंज की दूरी तय करने में चिकित्सक को डेढ़ से दो घंटे का वक्त लगता है। इतना ही नहीं इनका अलीगढ़ के बड़े अस्पतालों में अनुबंध रहता है। मरीजों को भी यही रेफर करते हैं और मोटा कमीशन वसूलते हैं।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.