तीर्थ आंदोलन के लिए अंतिम सांस तक लड़ी जाएगी तीर्थ नगरी की लड़ाई

सोरों संवाद सूत्र सूकर क्षेत्र संयुक्त विकास मोर्चा के तत्वाधान में चलाए जा रहे आंदोलन में रविवार को सोशल लाइफ सर्विस आर्गनाइजेशन ने भाग लिया।

JagranMon, 18 Oct 2021 05:07 AM (IST)
तीर्थ आंदोलन के लिए अंतिम सांस तक लड़ी जाएगी तीर्थ नगरी की लड़ाई

सोरों, संवाद सूत्र : सूकर क्षेत्र संयुक्त विकास मोर्चा के तत्वाधान में चलाए जा रहे आंदोलन में रविवार को सोशल लाइफ सर्विस आर्गनाइजेशन ने भाग लिया। पदाधिकारियों और सदस्यों ने क्रमिक धरना दिया। सरकार से सोरों को तीर्थ स्थल घोषित कराए जाने की मांग की।

सोशल लाइफ सर्विस आर्गनाइजेशन के महासचिव मनमोहन पाठक ने कहा कि जब तक योगी सरकार सोरों को तीर्थस्थल का दर्जा नहीं दे देती तब तक सोरोंवासी धरना प्रदर्शन के माध्यम से लगातार आंदोलन करते रहेंगे।

आर्गनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश ने तीर्थ आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार जल्द से जल्द सोरों को तीर्थस्थल घोषित करने के लिए कार्रवाई करनी चाहिए। संरक्षक विपिन महेरे ने कहा कि हम बहुत जल्द अपने संगठन की एक बैठक रख रहे हैं, जिसमें अन्य मुद्दों को लेकर भी निर्णय लिया जाएगा। मुकेश मौर्य, विपिन कुमार, प्रिस बघेल, मनमोहन पाठक, राजेश बघेल, जितेंद्र कुमार, धीर सिंह भारती, धर्मपाल, जय कुमार, प्रेमचंद, सत्यदेव, अमरदीप सिंह, आशीष कुमार, अंकित यादव, महेश बाबू, सतीश यादव, संजीव कुमार, भोपाल बासनी, राकेश कुमार, प्रिस सिंह, अभय यादव, अमरदीप बासनी, अहमद खान मौजूद रहे। सोरों के लिए हर संघर्ष को तैयार है युवा

संवाद सूत्र, सोरों : धार्मिक नगरी को तीर्थस्थल घोषित करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय युवा शक्ति ने सोरों की हरि की पौड़ी स्थित भगवान शिव की प्रतिमा के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री से तीर्थस्थल घोषित करने की मांग की।

धरना प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय युवा शक्ति प्रमुख प्रदीप रघुनंदन ने कहा कि सूकर क्षेत्र सोरों अपने आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व के लिए दुनियाभर में चर्चित है। प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं। यह सोरों जी के प्रति लोगों की अगाध श्रद्धा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह तीर्थ नगरी राजा सोमदत्त सोलंकी की राजधानी रही है। यही नहीं सम्राट अकबर यहां से ही गंगाजल मंगाया करते थे। इसके बावजूद भी राज्य सरकार सोरों के महत्व को स्वीकार करने में देरी कर रही है। उन्होंने कहा कि अब यह आंदोलन निर्णायक मोड़ पर पहुंच कर ही समाप्त होगा। प्रमोद शर्मा ने कहा अब यहां का जनमानस और युवा पूरी तरह आंदोलन के लिए तैयार है और विभिन्न शैक्षिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों की एकजुटता देखने को मिल रही है। पंडित रामकृष्ण शर्मा, सौरभ कुमार, रवि शाक्य, मोनू द्विवेदी, विवेक दीक्षित, मनोज शर्मा, प्रतीक यादव, भूपेश बघेल, मोहम्मद यासीन, नितिन शाक्य, गौरव वर्मा, आनंद मिश्रा, लोकेंद्र शर्मा एडवोकेट मौजूद रहे।

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