एक दिन जीआरपी थानाध्यक्ष बनी छात्रा मीनू

एक दिन जीआरपी थानाध्यक्ष बनी छात्रा मीनू

थानाध्यक्ष मीनू ने थाने के अभिलेखों को चेक कर बैरक का निरीक्षण किया। बुकिग विडो पर पहुंचे यात्रियों से पूछताछ की।

Publish Date:Fri, 27 Nov 2020 06:06 AM (IST) Author: Jagran

कासगंज, संवाद सहयोगी। मिशन शक्ति के तहत गुरुवार को बीएससी की छात्रा को जीआरपी थाने का एक का प्रभारी बनाया गया। छात्रा ने अभिलेख देखे। बैरक का निरीक्षण किया। बुकिग विडो पर रिजर्वेशन कराने पहुंचे यात्रियों से पूछताछ की।

सुबह जीआरपी थानाध्यक्ष की सरकारी गाड़ी छात्रा मीनू धनगर को लेने उनके माल गोदाम रोड स्थित आवास पर पहुंची। छात्रा गाड़ी से जीआरपी थाने पहुंची, जहां पुलिसकर्मियों ने उसे 'जय हिद' किया। इसके बाद प्रभारी थानाध्यक्ष इकरार हुसैन ने थानाध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाया। मीनू ने थानाध्यक्ष और पुलिसकर्मियों से सबसे पहले प्रश्न किया कि वह खेलकूद में कितनी रूचि रखते हैं। इसके बाद थाने की बैरक और अपराध रजिस्टर को देखा। अन्य अभिलेखों के चेक करने के बाद वह पुलिस बल के साथ बुकिग विडो पहुंची, जहां उन्होंने रिजर्वेशन कराने पहुंचे यात्रियों से पूछताछ की और कोरोना के प्रति जागरूक किया। थानाध्यक्ष बनी छात्रा मीनू ने लोगों से कहा कि कोरोना के नियमों का पालन करें। उन्होंने बिना मास्क दिखे लोगों को मास्क लगाने की हिदायत दी। हेड कांस्टेबल हरिओम प्रसाद, थानाध्यक्ष सोरों चौकी शैलेंद्र, जीआरपी प्रभारी भारती तोमर, कांस्टेबल जगन्नाथ प्रसाद, सर्वेश कुमार मौजूद रहे।

शक्ति चैंपियंस को आज सौंपी जाएगी जिम्मेदारी

कासगंज: मिशन शक्ति के नोडल अधिकारी ओमप्रकाश यादव ने कहा है कि कोई भी महिला, पुरुष, बालक, बालिका या थर्ड जेंडर जो महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में जागरूक करने का बेहतर कार्य कर रहे हैं, उन्हें शक्ति चैंपियंस का दायित्व निभाने को आगे लाया जा रहा है। इनका चयन ग्राम, ब्लाक एवं जिला स्तर पर किया जाएगा। इनका काम होगा ग्राम एवं वार्ड में महिलाओं और बच्चों के अधिकारों, कानूनों और मुद्दों पर जागरूकता पैदा करना। 1090 वुमन पावर लाइन, 1098 चाइल्ड लाइन, 108 एंबुलेंस सेवा, 102 स्वास्थ्य सेवा, 112 इंटीग्रेडेड हेल्पलाइन, 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, 181 महिला हेल्पलाइन का प्रचार-प्रसार करना होगा। उन्होंने कहा है कि घरेलू हिसा, दहेज शोषण, शारीरिक और मानसिक शोषण, बाल विवाह, बाल श्रम, छेड़छाड़ जैसे मामलों में पीड़ितों की मदद करना होगा।

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