गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी

सोरों संवाद सूत्र शनिवार को गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया गया।

JagranSun, 25 Jul 2021 05:04 AM (IST)
गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी

सोरों, संवाद सूत्र: शनिवार को गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया गया। श्रद्धालुओं ने गंगा घाटों पर पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाई। सुबह से ही घाटों पर लोगों के पहुंचने का सिलसिला प्रारंभ हो गया। गैर प्रदेशों से बड़ी संख्या में लोग गंगास्नान को पहुंचे।

गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। इस पर्व को मनाने के लिए हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा घाटों पर पहुंचकर स्नान किया। गुरुओं की पूजा की। गंगा घाटों पर स्थित मंदिरों में सुबह से ही भजन कीर्तन एवं पूजा पाठ का सिलसिला प्रारंभ हो गया जो देर शाम तक जारी रहा। कस्बा सोरों में स्थित हरिपदी गंगाघाट पर गैर प्रदेशों राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली से आए श्रद्धालुओं ने गंगास्नान कर पुरोहितों एवं ब्राह्मणों को भोजन कराया। जरुरतमंदों को दान, दक्षिणा देकर पुण्यलाभ कमाया। कछला, लहरा एवं कादरगंज गंगाघाट पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। गंगा का पूजन कर ओढाई चूनर

गैर प्रदेशों से श्रद्धालु शुक्रवार देर रात ही गंगा घाटों पर पहुंच गए थे। गुरु पूर्णिमा की सुबह गंगा स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने गंगा मईया का पूजन किया और चूनर ओढाई। तमाम श्रद्धालुओं ने बालू से शिवलिग बनाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। वाहनों का रहा दबाव, नहीं लगा जाम

शहर से लेकर सोरों, लहरा और कछला घाट तक श्रद्धालुओं के वाहनों का मार्ग पर दबाव रहा। पुलिस की मुस्तैदी के चलते कहीं जाम नहीं लगा। इससे श्रद्धालुओं को घाट तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा। वहीं, फोरलेन और कैनाल बाइपास बनने से भी जाम से मुक्ति मिली। स्नानार्थियों की भीड़ देख दुकानदारों के खिले चेहरे

गुरु पूर्णिमा पर्व पर दुकानदार इस बात को लेकर आशंकित थे कि कहीं पूर्णिमा के स्नान पर भी कोरोना का ग्रहण न लग जाए। जब शनिवार की सुबह से बड़ी संख्या में स्नानार्थी घाटों पर पहुंचने लगे तो दुकानदारों के चेहरे खिल गए। पूजा सामग्री एवं खाद्य पदार्थों की जमकर बिक्री हुई।

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