पुलिस ने स्वीकारी पुराने अपराधों के पर्दाफाश की चुनौती

कासगंज संवाद सहयोगी जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में शुरू की गई पहल कुछ हद तक आगे बढ़ी है।

JagranMon, 27 Sep 2021 05:50 AM (IST)
पुलिस ने स्वीकारी पुराने अपराधों के पर्दाफाश की चुनौती

कासगंज, संवाद सहयोगी: जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में शुरू की गई पहल कुछ हद तक आगे बढ़ी है। हालांकि, सफलता हासिल करने के लिए चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। कई पुराने मामले भले ही पुलिस ने खोल दिए हों फिर भी तमाम ऐसे मामले लंबित हैं, जिन्हें खोलना पुलिस के लिए चुनौती है। हालांकि एसपी का दावा है कि पुराने आपराधिक मामलों का पर्दाफाश करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया जा चुका है।

जिले में कई ऐसी वारदातें हुईं हैं जो सुर्खियों में छाई रहीं। इनमें वर्ष 2008 के तैयबपुर का एक मामला है। इनमें एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या हुई थी। वहीं, नगला सैय्यद में ननिहाल में आए किशोर की हत्या का मामला भी अनसुलझा है। वर्ष 2016 से 2020 तक हुई हत्या की वारदातों के मामलों पर गौर करें तो लगभग 100 से अधिक हत्याएं हुई हैं। तत्कालीन एएसपी आदित्य वर्मा ने पिछले साल होडलपुर गांव में हुई पांच हत्याओं के बाद यह रिकार्ड खंगाला था। इनमें अधिकांश हत्याएं जमीन की रंजिश के कारण हुई हैं। कई हत्याओं का तो पर्दाफाश हो गए, लेकिन तमाम हत्याओं के रहस्य पर्दे के पीछे हैं। अब एसपी बोत्रे रोहन प्रमोद फाइलों में दफन हो चुकी पुरानी घटनाओं के पर्दाफाश में जुटे हैं। पुराने अपराधिक मामलों में पर्दाफाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया जा चुका है। कई ऐसी घटनाएं खुल गई हैं जो पत्रावालियों में धूल फांक रही थीं और भी वारदातों का पर्दाफाश करने का प्रयास निरंतर जारी है।

- बोत्रे रोहन प्रमोद, एसपी

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