अत्याधुनिक सुविधाओं के दावों को झुठलाती है बारा टोल की हकीकत

जागरण संवाददाता कानपुर देहात बारा टोल प्रबंधन की ओर से अत्याधुनिक सुविधाओं के दावे कि

JagranPublish:Fri, 03 Dec 2021 08:09 PM (IST) Updated:Fri, 03 Dec 2021 08:42 PM (IST)
अत्याधुनिक सुविधाओं के दावों को झुठलाती है बारा टोल की हकीकत
अत्याधुनिक सुविधाओं के दावों को झुठलाती है बारा टोल की हकीकत

जागरण संवाददाता, कानपुर देहात : बारा टोल प्रबंधन की ओर से अत्याधुनिक सुविधाओं के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत सभी दावों को झुठलाती है। सेंसर की समस्या के कारण वाहन सवारों को जाम से जूझना पड़ता है वहीं स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था भी दुरुस्त नहीं है जबकि वाहन सवारों से सुविधा शुल्क के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है।

वाहन सवारों को बेहतर सुविधा देने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से दो वर्ष पूर्व फास्टैग की व्यवस्था लागू की गई थी। प्राधिकरण का मानना था कि इससे वाहन सवारों को जाम से निजात मिलेगी साथ ही टोल पर वसूले जा रहे शुल्क में भी पारदर्शिता आएगी। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर वाहन सवारों को फास्टैग दिया गया, लेकिन दो वर्ष बाद भी अब तक बारा टोल पर व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो सकी हैं। सेंसर की समस्या के कारण वाहन सवारों को जाम से जूझना पड़ता है। वहीं कई बार तो हैंड स्कैनर भी सही से कार्य नहीं करता जिस पर टोल कर्मी फास्टैग को सेंसर से एक फिट की दूरी पर ले जाकर स्कैन कराते हैं। शुक्रवार को कानपुर से औरैया जाने वाले लेन के कुछ बूथों पर वाहन सवारों को सेंसर की समस्या से जूझना पड़ा। इस पर टोल पर मौजूद कर्मियों ने हैंडस्कैनर के माध्यम से वाहनों को निकाला। वहीं बारा टोल प्लाजा के पास लगी स्ट्रीट लाइट खराब है, जिससे वाहन सवारों को समस्या होती है। वहीं दो पहिया वाहन सवारों को समस्या का सामना करना पड़ता है। बारा टोल डीजीएम मनोज शर्मा ने बताया कि सर्वर के कारण स्कैनिग की समस्या होती है, जिसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।