राम वनगमन लीला का मंचन देख दर्शकों के छलके आंसू

जागरण संवाददाता कानपुर देहात कस्बा अकबरपुर में रामलीला मंचन के तहत राम वनगमन गंगा पा

JagranSun, 10 Oct 2021 08:02 PM (IST)
राम वनगमन लीला का मंचन देख दर्शकों के छलके आंसू

जागरण संवाददाता, कानपुर देहात : कस्बा अकबरपुर में रामलीला मंचन के तहत राम वनगमन, गंगा पार लीलाओं का मंचन किया गया। संन्यासियों जैसे कपड़े पहने हुए नंगे पैर भगवान राम, सीता और लक्ष्मण को चलता देख लोगों की आंखों में आंसू भर आए। कलारन तालाब में गंगा पार लीला का मंचन देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी रही। वहीं सिकंदरा कस्बे में शनिवार रात कैकेई का वरदान मांगना, राम वन गमन, तमसा विश्राम लीलाओं का मंचन हुआ। खोजाफूल में परशुराम-लक्ष्मण संवाद का मंचन हुआ।

अकबरपुर कस्बे की रामलीला में रविवार को भगवान राम, सीता व लक्ष्मण के राम वन गमन की लीला का कुशल मंचन कलाकारों ने किया। अयोध्यापुरी मैदान से संन्यासियों के वेशभूषा में भगवान राम, सीता और लक्ष्मण निकले। कोमल पैरों में चोट न लग जाए इसके फूलों को बिछाकर गुजारा गया। भगवान पत्नी और छोटे भाई के साथ कस्बे के गलियों से होकर गुजरे तो पुरुष, महिलाएं और बच्चे अपने आंसू नहीं रोक पाए। वहीं कलारन तालाब पर केवट संवाद का मंचन हुआ केवट ने भगवान राम के पैरों को धुलने के बाद अपनी नांव में बैठाया और गंगा पार कराया। गंगा पार लीला का मंचन देखने के लिए तालाब के चारों ओर दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी रही। इस दौरान रामलीला अध्यक्ष मनोज निगम, महामंत्री सुनील गुप्ता, कोषाध्यक्ष दुर्गेश शर्मा, पूर्व रामलीला समिति अध्यक्ष कृष्ण कुमार गुड्डू मिश्रा, मीडिया प्रभारी गोपाल सैनी मौजूद रहे। उधर सिकंदरा कस्बे में रामलीला का मंचन करते हुए दिखाया कि राजा दशरथ के दरबार में भगवान राम के राज्याभिषेक की तैयारियां जोरों पर चल रहीं थीं। दासी मंथरा के समझाने पर कैकेई ने राजा दशरथ को दो वरदान याद दिलाते हुए भरत का राज तिलक व भगवान राम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगा। रानी के वचन सुनते ही राजा के पैरों तले की जमीन खिसक गई। अचानक भगवान राम के राज्याभिषेक की खुशियां गम में बदल गई। भगवान राम का वनवास, तमसा विश्राम लीलाओं का मंचन देख दर्शक भावुक हो गए। वहीं खोजाफूल की 11दिवसीय रामलीला में शनिवार रात को ताड़का वध, मारीच सुबाहु लीलाओं का मंचन किया गया। आयोजक अविनाश कटियार, भूरे यादव, लंदन बाजपेयी मौजूद रहे। उधर डेरापुर में रामलीला में मंचन के दूसरे दिन भगवान राम व केवट के संवाद का मंचन किया गया मांगी नाव न केवट आना, कहई तुम्हारा मरम में जाना। केवट पहले भगवान के पैर पखारता है इसके बाद ही उन्हें नाव पर सवार करता है। राम और केवट के संवाद को सुनकर दर्शक भाव विभोर हो गए। राजेश नारायण मिश्रा, सात्विक यादव, मयंक मिश्रा, शिवा शुभम रहे।

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