मौसम बदलने से किसानों के माथे पर चिता

मौसम बदलने से किसानों के माथे पर चिता

संवाद सहयोगी झींझक मौसम के करवट लेते ही किसानों के माथे पर चिता की लकीरें उभर आ

JagranSat, 17 Apr 2021 06:21 PM (IST)

संवाद सहयोगी, झींझक : मौसम के करवट लेते ही किसानों के माथे पर चिता की लकीरें उभर आई हैं। कई क्षेत्रों में बूंदाबांदी व हल्के ओले गिरे तो किसान परेशान हो उठे। कई जगह खेत में गेहूं कटे पड़े हैं तो खड़ी फसल भी है। बारिश तेज हुई तो नुकसान होना निश्चित है।

शुक्रवार देररात आंधी आई तो किसान मौसम खराब होने को लेकर परेशान होने लगे थे। शनिवार दिनभर तो मौसम सही रहा, लेकिन शाम होते होते झींझक, रसूलाबाद, डेरापुर, अकबरपुर, भोगनीपुर, शिवली समेत कई जगह बूंदाबांदी हुई। वहीं रसूलाबाद क्षेत्र के कुछ गांव में हल्के ओले गिरे। मौसम बदलने से किसान परेशान हो उठे हैं क्योंकि काफी लोगों की फसल अभी खेत में खड़ी है खासकर गेहूं की फसल। जिले की बात करें तो अभी 50 फीसद गेहूं फसल खेत में ही है इनमें कट चुके गेहूं के गट्ठर भी शामिल हैं। रसूलाबाद क्षेत्र के अनेक किसानों गदाईपुर के शिव सिंह यादव, कठारा के संतोष मिश्रा, यादव नगर के धर्मपाल सिंह यादव, महेंद्र नगर के विधान, नंदू, ठाकुर आदि ने बताया कि इस समय पानी बरसने से खेत में कटे पड़े गेहूं के साथ-साथ खड़ी फसलों को भी नुकसान होगा। अब तो भगवान से यही प्रार्थना है कि जैसे-तैसे मौसम सही रहे। किसानों की बात

- गेहूं की फसल अभी खेत में खड़ी है। बहुत परेशानी हो रही कि कहीं तेज बारिश हो गई या ओला गिर गया तो सारी मेहनत बेकार हो जाएगी। ऐसे में जल्दी से गेहूं भी नहीं काट सकते हैं। - कुलदीप यादव - बूंदाबांदी से गेहूं के गट्ठर हल्के गीले हो गए हैं। अभी तो नुकसान की संभावना कम है, लेकिन बारिश तेज हो गई तो बर्बाद हो जाएंगे। हम तो ईश्वर से मना रहे कि मौसम खराब न हो वरना समस्या हो जाएग। - गोरेलाल

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