बहरई आश्रय स्थल जलमग्न, गोवंशों को निकाला

संवाद सहयोगी भोगनीपुर मलासा के बहरई गांव स्थित गोवंश आश्रय में भीषण जलभराव हो गया। गोवंश्

JagranSat, 31 Jul 2021 12:57 AM (IST)
बहरई आश्रय स्थल जलमग्न, गोवंशों को निकाला

संवाद सहयोगी, भोगनीपुर : मलासा के बहरई गांव स्थित गोवंश आश्रय में भीषण जलभराव हो गया। गोवंशों को बाहर निकालकर दूसरी गोशाला में भेजा गया।

मलासा ब्लाक के बहरई गांव स्थित गोवंश आश्रयस्थल में 41 गोवंश रह रहे थे। गुरुवार रात ही बारिश से यहां जलभराव तेजी से होने लगा था और शुक्रवार सुबह तक पूरा जलमग्न हो गया। पंचायत सचिव दीपक यादव व ग्राम प्रधान इजहार हुसैन ने पंपिग सेट केमाध्यम से पानी निकलवाने का प्रयास किया। लेकिन बारिश लगातार होने से पानी कम नहीं हुआ। बीडीओ सच्चिदानंद प्रसाद, एडीओ विमल सचान व पशुचिकित्साधिकारी डा. राजेश कटियार गांव पहुंचे और अधिकारियों के निर्देश पर सचिव दीपक यादव ने 15 गोवंशों को वाहनों में लादकर तुर्कीमऊ गांव स्थित गोवंश आश्रय स्थल व शेष 26 गोवंशों को पुखरायां स्थित कान्हा गोशाला में भिजवा दिया। वहीं यहां रखा 60 क्विंटल भूसा और 10 क्विंटल चोकर पानी में खराब हो गया।

स्कूल व अस्पताल में जलभराव

भोगनीपुर के स्कूलों के अलावा देवीपुर सीएचसी में जलभराव हो गया। अमरौधा ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालयमीरपुर व प्राथमिक विद्यालय मीरपुर पानी में डूब गए हैं, जिससे शिक्षक-शिक्षकाएं विद्यालय नहीं पहुंच पा रहें हैं। सीएचसी देवीपुर परिसर में भर जाने से चिकित्सकों व मरीजों को अस्पताल पहुंचने में परेशानी हो रही है।

कृषि खरीफ गोष्ठी में किसानों को दी जानकारी: सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन (आत्मा) योजना के तहत आयोजित कृषि खरीफ गोष्ठी में किसानों को जैविक खेती की तरफ ध्यान देने को कहा गया। इससे होने वाले फायदे बताए गए।

गोष्ठी का शुभारंभ विधायक प्रतिभा शुक्ला, डीएम जेपी सिंह व सीडीओ सौम्या पांडेय ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इसके बाद किसानों के लगे स्टाल का निरीक्षण किया और उनकी उगाई सब्जी व अन्य उत्पाद को देखा। विधायक ने कहा कि जनपद में जैविक कृषि को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जाए, जिससे भूमि की उर्वरक क्षमता बढ़े साथ ही स्वास्थ्य के लिए उत्पादित फसलें अच्छी हो। सरकार कई योजना चला रही किसान इसका लाभ लें। डीएम जेपी सिंह ने कहा कि अन्नदाता दूसरों के जीवन को संवारते हैं और उनको भोजन उपलब्ध कराते हैं। सभी अधिकारी किसानों की समस्या को प्रमुखता से दूर करें। अत्यधिक कीटनाशकों और रसायनिक खादों के प्रयोगों से कृषि के उत्पाद दूषित होते चले जा रहे, इसलिए जरूरी है कि हम अब जैविक खेती या शून्य कार्बन खेती को प्राथमिकता दें। इस दौरान दृष्टि योजना के तहत 18 लाख का चेक बीना, रामचंद्र व अरविद को दिया गया। वहीं बाकी किसानों को भी कई योजनाओं से जुड़ी चेक दी गई। सीडीओ सौम्या पांडेय, डा. अरविद यादव, डीडी कृषि विनोद यादव,जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश यादव, जिला पशु चिकित्सा अधिकारी डा देवकी नन्दन लावनियां, जिला सूचना अधिकारी नरेन्द्र मोहन मौजूद रहे।

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