World Heart Day: युवा संभालें अपना दिल, कोरोना काल में मंडरा रहा खतरा, जरूरी बातों का रखें ध्यान

हार्ट अस्पताल में बढ़ रही युवा रोगियों की संख्या।
Publish Date:Tue, 29 Sep 2020 09:00 AM (IST) Author: Abhishek Agnihotri

कानपुर, जेएनएन। कोरोना काल का तनाव, करियर को लेकर असुरक्षा की स्थिति, बदली हुई दिनचर्या और खानपान की आदतों की वजह से युवाओं का दिल बीमार हो रहा है। इस समय लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान में 30-35 फीसद संख्या युवाओं की है, जो हार्ट अटैक पर इलाज के लिए आए हैं। उनकी केस हिस्ट्री से चौकाने वाली चीजें सामने आई हैं। हालांकि, इससे बचा जा सकता है। तनाव से मुक्ति के लिए योग, प्राणायाम एवं ध्यान को दिनचर्या में शामिल करें। 

कोरोना दिल को सीधे प्रभावित नहीं करता है, लेकिन इस वायरस का हमला सीधे फेफड़े पर होता है। फेफड़े की कार्य क्षमता प्रभावित होने का सीधा असर दिल पर पड़ता है। दिल ही पूरे शरीर को खून की आपूर्ति करता है। वायरस के संक्रमण के कारण फेफड़े की खून की बड़ी-छोटी नसों में थक्के जमने से शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती। खून की सप्लाई पर असर पडऩे से हार्ट को अधिक पंपिंग करनी पड़ती है, जिससे धड़कन अनियंत्रित होने से ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है।

यह है वजह

कोरोना महामारी छह माह से कहर बरपा रही है। सबसे अधिक युवा प्रभावित हुए हैं। कई की नौकरियां चली गई हैं, कइयों के सामने अनिश्चितता की स्थिति है। असुरक्षा की भावना से बढ़ते तनाव से निजात के लिए धूमपान (स्मोकिंग), अल्कोहल व तंबाकू जनित पदार्थों का सेवन दिल को और कमजोर बना रहे हैं। वर्क फ्रॉम होम (घर से कार्य) में शारीरिक गतिविधियां शून्य हो गईं हैं। चलना-फिरना भी बंद है। बदली जीवनशैली- खानपान की आदतें रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर रही हैं।

पानी का कम सेवन भी घातक

पानी कम पीने की वजह से खून गाढ़ा होने लगता है, जिससे हार्ट को रक्त संचार करने में मशक्कत करनी पड़ती है। दिनभर में दो से ढाई लीटर पानी जरूर पिएं। फल, सब्जी, फाइबर युक्त आनाज व दूध का सेवन भी करते रहें।

इनसे बनाएं दूरी : धूमपान, अल्कोहल, प्रोसेस्ड फूड, जंक फूड, फास्ट फूड, रेड मीट, पैक्ड फूड।

ये हैं हाई रिस्क पर : मधुमेह, हाइपर टेंशन, स्मोकिंग, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिक लंग्स डिजीज (सीओपीडी), बुजुर्ग, हार्ट के पुराने मरीज।

युवाओं में दिल की अधिक समस्या हो रही है, 35 फीसद मामले बढ़ गए हैं। सिर्फ पांच फीसद में फैमिली हिस्ट्री थी, जबकि 90 फीसद में अनियमित जीवन शैली, अनियंत्रित खानपान व तनाव बीमारी की वजह है। दिल को स्वस्थ रखने के लिए आधा घंटे पैदल चलें और व्यायाम के लिए 15 मिनट निकालें। तनाव से दूरी के लिए म्यूजिक, डांस व पसंदीदा कार्य करें। भोजन में नमक और फैट की मात्रा सीमित करें और भरपूर नींद जरूर लें। - डॉ. एसके सिन्हा, हृदय रोग विशेषज्ञ, लक्ष्मीपत सिंहानिया हृदय रोग संस्थान।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.