फरार आइपीएस मणिलाल पाटीदार चला रहा था वसूली गैंग, विजलेंस ने जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेजी

महोबा में क्रशर कारोबारी की मौत के मामले में फरार पूर्व एसपी मणिदार पाटीदार के खिलाफ कानपुर की विजिलेंस इकाई ने जांच पूरी होने पर रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है। क्रशर कारोबारियों के बयानों के आधार पर वसूली गैंग चलाने का निष्कर्ष सामने आया है।

Abhishek AgnihotriWed, 27 Oct 2021 09:54 AM (IST)
महोबा में क्रशर कारोबारी की मौत के मामले में आरोपित है पूर्व एसपी।

कानपुर, जागरण संवाददाता। महोबा जिले में कबरई के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में फरार पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार के खिलाफ विजिलेंस जांच पूरी हो गई है। कानपुर इकाई ने जांच रिपोर्ट विजिलेंस मुख्यालय को भेज दी है। रिपोर्ट में पूर्व एसपी के खिलाफ गंभीर आरोप हैं। इसमें माना गया कि पाटीदार ने सिंडीकेट बनाकर वसूली गैंग चला रखा था। इसमें तमाम पुलिस वाले भी शामिल थे।

कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी आठ सितंबर 2020 को अपनी कार में घायल अवस्था में पड़े मिले थे। 13 सितंबर को कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदारी व एसओ कबरई देवेंद्र शुक्ला समेत अन्य आरोपितों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना से पहले कारोबारी के बयानों का आडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने पाटीदार पर जबरन वसूली का आरोप लगाकर उनसे जान का खतरा बताया था। इसी बीच फरार आइपीएस मणिलाल पाटीदार के खिलाफ बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट में काम कर रहे ट्रांसपोर्टर पीपी पांडेय ने शासन को शिकायत की थी। शासन के आदेश पर 10 दिसंबर 2020 को महोबा कोतवाली में पूर्व एसपी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया था।

आरोप था कि आरोपित आइपीएस के आदेश पर खरेला और खन्ना थाना की पुलिस ने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के कार्य में लगे ट्रकों से वसूली की। प्रत्येक ट्रक से हर माह दो लाख रुपये की मांग थी। जिसने यह मांग पूरी नहीं की, उसका उत्पीडऩ किया गया। आरोप यह भी लगा कि ऐसे ही एक मामले में खरेला पुलिस ने पांच ट्रकों को सीज कर दिया था। मामले की जांच विजिलेंस ने शुरू की तो अगस्त में टीम ने महोबा जाकर मुख्य वादी सहित आधा दर्जन लोगों से पूछताछ की थी।

कानपुर के एसपी विजिलेंस पी. राम व निरीक्षक धनंजय वर्मा ने इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत मामले के वादी रविकांत त्रिपाठी, व्यावसायिक सहयोगी बालकिशोर द्विवेदी, पुरुषोत्तम सोनी, मुनीम दीपेंद्र सिंह, विस्फोटक पदार्थ के कारोबारी केशव सविता के कलमबंद बयान दर्ज कराए थे। टीम ने उक्त प्रकरण में जेल में बंद एसओ देवेंद्र शुक्ला, सिपाही अरुण यादव आदि से बयान लिए थे। फरार होने के कारण पाटीदार के बयान नहीं हो सके। विजिलेंस ने जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेज दी है। सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में साफ-साफ ये आरोप हैं कि मणिलाल पाटीदार ने सिंडीकेट बनाकर क्रशर कारोबारियों से वसूली की थी। इस काम में करीब 40 पुलिस वालों के शामिल होने का आरोप है।

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