इटावा के महाविद्यालय में सामूहिक नकल का वीडियो वायरल, छापा मारकर जब्त की सीसीटीवी फुटेज

इटावा के महाविद्यालय में विश्वविद्यालय की परीक्षा के दौरान के छात्र-छात्राएं घूम रहे थे और बोल-बोल कर नकल कराई जा रही थी। डीएम के निर्देश पर छापा मारकर सीसीटीवी फुटेज सहित तीन हार्ड डिस्क को जब्त किया गया है।

Abhishek AgnihotriSat, 17 Jul 2021 11:59 AM (IST)
विश्वविद्यालय की परीक्षा में नकल की पोल खुल गई।

इटावा, जेएनएन। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के पहले दिन ही कर्म क्षेत्र महाविद्यालय में सामूहिक नकल का भंडाफोड़ हो गया। सिटी मजिस्ट्रेट उमेशचंद्र मिश्रा, जिला विद्यालय निरीक्षक राजू राणा व सीओ सिटी राकेश वशिष्ठ ने पुलिसबल के साथ केंद्र पर छापा मारा। नकल के वीडियो सहित तीन हार्ड डिस्क को जब्त कर लिया। इस केंद्र पर एलएलबी प्रथम सेमेस्टर, बीए द्वितीय वर्ष अंग्रेजी साहित्य, बीए तृतीय वर्ष ङ्क्षहदी साहित्य सहित केमिस्ट्री द्वितीय वर्ष व बाटनी द्वितीय वर्ष की परीक्षा आयोजित हो रही थी। नकल का वीडियो भी वायरल हुआ। हालांकि दैनिक जागरण वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

शुक्रवार को जिलाधिकारी श्रुति ङ्क्षसह के निर्देश पर जब अधिकारियों की टीम परीक्षा केंद्र पहुंची तो सीसीटीवी रिकार्डिंग की जांच की गई। रिकार्डिंग में दिखा कि कालेज में छात्र-छात्राएं घूम रहे थे। नकल बोल-बोल कर कराई जा रही थी। इस बार परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्न पत्र आया है। जो वीडियो इंटरनेट मीडिया में वायरल हुआ, उसकी भी जांच की गई। पाया गया कि द्वितीय पाली में कमरा नंबर 23 व कमरा नंबर 117 में सामूहिक नकल की जा रही थी। प्रथम पाली में कमरा नंबर 21 में अफरा-तफरी का माहौल पाया गया। महाविद्यालय के कंप्यूटर की तीन हार्ड डिस्क को सील कर दिया गया। चार घंटे तक टीम कालेज में जांच करती रही।

जिला विद्यालय निरीक्षक राजू राणा ने बताया कि नकल में कक्ष निरीक्षकों की संलिप्तता स्पष्ट तौर पर पाई गई है। कालेज के प्राचार्य प्रो. अरुण कुमार की पुत्री प्रथम पाली में बीएससी द्वितीय वर्ष की परीक्षा दे रही थी, इसलिए वह कालेज में उपस्थित नहीं थे। प्रथम व द्वितीय पाली की परीक्षा के लिए केंद्र व्यवस्थापक डा. ओम कुमारी नामित की गई थीं। मामले में रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है। उधर, कक्ष निरीक्षक प्रदीप कुमार का कहना था कि कुछ एलएलबी के छात्र शोर-शराबा कर रहे थे, नकल जैसी कोई बात नहीं थी।

परीक्षा केंद्र पर नहीं था कोई आब्जर्वर : परीक्षा केंद्र पर कोई आब्जर्वर नहीं भेजा गया था। नकल की बात सामने आने पर यूनिवर्सिटी के निर्देश पर पंचायत राज महाविद्यालय के प्रो. श्यामदेव यादव को आब्जर्वर बनाकर भेजा गया। बाद में प्राचार्य श्याम पाल ङ्क्षसह व प्रो. अजय दुबे भी भेजे गए।

-नकल की सूचना पर विश्वविद्यालय से आब्जर्वर कर्म क्षेत्र महाविद्यालय में भेजा गया है, जिसने वहां परीक्षा कराई है। जरूरत पडऩे पर विश्वविद्यालय आंतरिक निरीक्षण टीम गठित करेगा। विश्वविद्यालय में बनाए गए मानीटरिंग सेंटर से सिटी कोआर्डिनेटर सभी केंद्रों पर आनलाइन नजर बनाए हुए हैं। -विनय पाठक, कुलपति छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर

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